मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार सुबह गोमती नदी सफाई के अभियान में शामिल हुए
लखनऊ. गोमती नदी में सफाई महाअभियान की शुरूआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह की। खुद साीएम ने घाटों पर पहुंचकर सफाई अभियान में हिस्सा लिया। यह अभियान जलकुंभी हटाने और उसकी सफाई करने के लिए चलाया गया है. इस अभियान में मुख्यमंत्री के साथ कई मंत्री भी शामिल हुए। सुबह 8 बजे से महाअभियान की शुरूआत करते हुए योगी ने कहा कि महात्मा गांधी ने सपाई को लेकर जो सपना देखा था, उसे आज हम साकार करना है।
इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने लकनऊ वासियों को स्वच्छता की शपछ दिलाई और गोमती में गंदगी न करने का आग्रह किया। उन्होंने नदी को साफ सुथरा रखने का आग्रह किया। कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक ने कहा सीएम ने जलकुम्भी और गंदगी को देखकर दुख जताया था, जिसके बाद महाअभियान चलाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि गोमती स्वच्छ होेने तक अभियान जारी रहेगा।
कूड़ा उठवाने की व्यवस्था
गोमती नदी की सफाई नगर निगम की मदद से की गई। इसके लिए चार जोन बनाए गए हैं, जिसमें आठ जोनल अधिकारी तैनात हैं। गोमती नदी की सफाई के बाद जो कूड़ा निकलेगा, उसे उसी दिन उठवाने की व्यवस्था तय की जीएगी। गऊ घाट से 1090 तक गोमती नदी के दोनों किनारों की सफाई किए जाने का लक्ष्य है।
मंत्रियों के साथ व्यापारी भी हुए शामिल
गोमती नदी की सफाई के लिए व्यापारी भी शामिल हुए। शनिवार को कानून मंत्री बृजेस पाठक के आवास पर लखनऊ व्यापार मंडल और अमीनाबाद संघर्ष समिति के सदस्यों ने बैठक की, जिसमें झूलेलाल पार्क के पास गोमती नदी अभियान शुरू किए जाने की बात हुई। साथ ही इस बैठक में इक बात के निर्देश भी दिए गए कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। घट पर जलकुम्भी या किसी भी स्थिति में हर तरह के खतरे से निपटने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था विषेष रूप से की जाएगी।
अभियान में जुटे भजपाई
इस अभियान की शुरूआत झूलेलाल पार्क से हुई जिसमें कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक, गोपाल टण्डन, डा. रीता बहुगुणा जोशी, स्वाती सिंह, डा. नीरज बोरा, महापौर संयुक्ता भाटिया, महानगर मंत्री त्रिलोक सिंह, डीजीपी ओपी सिंह सहित कई नेता और पदाधिकारी शामिल हुए। बीजेपी महानगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा की अध्यक्षता में शनिवार को हुई बैठक में सफाई अभियान का निर्णय लिया गया।