Krishna Paswan Yogi Cabinet Expansion: योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में छह नए मंत्रियों ने शपथ ली, जबकि दो मंत्रियों को प्रमोशन मिला। कृष्णा पासवान की संघर्ष भरी कहानी और नए सामाजिक समीकरण सबसे ज्यादा चर्चा में रहे।
Krishna Paswan Anganwadi Worker: उत्तर प्रदेश की राजनीति में रविवार का दिन ऐतिहासिक और बेहद अहम साबित हुआ। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath सरकार 2.0 का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार आखिरकार संपन्न हो गया। राजधानी लखनऊ स्थित राजभवन में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में कुल आठ नेताओं ने मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस विस्तार में दो नेताओं को कैबिनेट मंत्री बनाया गया, चार नए चेहरों को राज्यमंत्री बनाया गया, जबकि दो मौजूदा राज्य मंत्रियों को प्रमोशन देकर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का दर्जा दिया गया।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कई भावुक और राजनीतिक संदेश देने वाले दृश्य भी देखने को मिले। नए मंत्रियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल Anandiben Patel के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। वहीं फतेहपुर की विधायक कृष्णा पासवान अपने खास अंदाज और संघर्ष भरी कहानी को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा में रहीं।
राजभवन में आयोजित समारोह में सबसे पहले भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष Bhupendra Singh Chaudhary ने मंत्री पद की शपथ ली। भूपेंद्र चौधरी को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट समाज के बड़े चेहरे माने जाने वाले भूपेंद्र चौधरी पहले भी योगी सरकार के पहले कार्यकाल में पंचायती राज मंत्री रह चुके हैं। उनकी वापसी को भाजपा की बड़ी राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि भाजपा पश्चिमी यूपी और जाट वोट बैंक को साधने के लिए उन्हें फिर से सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे रही है। शपथ लेने के बाद भूपेंद्र चौधरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। यह दृश्य समारोह का खास आकर्षण बना रहा।
शपथ ग्रहण समारोह में दूसरा नाम रायबरेली के ऊंचाहार से विधायक Manoj Kumar Pandey का रहा। समाजवादी पार्टी से बगावत कर भाजपा के करीब आए मनोज पांडे को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। वे लगातार तीसरी बार विधायक हैं और समाजवादी पार्टी सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। राज्यसभा चुनाव के दौरान सपा लाइन से अलग रुख अपनाने के बाद से ही उनके मंत्री बनने की चर्चा तेज हो गई थी। भाजपा ने उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाकर साफ संदेश दिया है कि पार्टी अपने साथ आने वाले नेताओं को पूरा सम्मान देती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मनोज पांडे को मंत्री बनाकर भाजपा ने ब्राह्मण राजनीति और विपक्षी दलों के समीकरणों पर बड़ा दांव खेला है।
मंत्रिमंडल विस्तार में सबसे ज्यादा चर्चा फतेहपुर की खागा सीट से विधायक Krishna Paswan को लेकर रही। कृष्णा पासवान चौथी बार विधायक बनी हैं और उन्हें राज्यमंत्री बनाया गया है। शपथ ग्रहण समारोह में वह “राधे-राधे” लिखा हुआ पटका पहनकर पहुंचीं। शपथ लेने के बाद उन्होंने “जय श्री राम” के नारे लगाए, जिससे समारोह में मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ गया। कृष्णा पासवान की राजनीतिक यात्रा संघर्ष से भरी रही है। राजनीति में आने से पहले वह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थीं। गांव-गांव जाकर महिलाओं और बच्चों के बीच काम करने वाली कृष्णा पासवान आज मंत्री पद तक पहुंच गई हैं। उनकी कहानी को भाजपा “साधारण कार्यकर्ता से मंत्री तक” की प्रेरणादायक मिसाल के रूप में पेश कर रही है।
मौजूदा राज्य मंत्री Ajit Pal और Somendra Tomar को प्रमोशन देकर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया। अजीत पाल कानपुर देहात की सिकंदरा सीट से विधायक हैं। संगठन और सरकार दोनों में उनकी सक्रियता को देखते हुए भाजपा नेतृत्व ने उनके कद में बढ़ोतरी की है। वहीं मेरठ दक्षिण से विधायक सोमेंद्र तोमर पश्चिमी यूपी में भाजपा का मजबूत चेहरा माने जाते हैं। उन्हें प्रमोशन देकर भाजपा ने युवा और क्षेत्रीय नेतृत्व को महत्व देने का संकेत दिया है। दोनों नेताओं ने शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आशीर्वाद लिया।
मंत्रिमंडल विस्तार में कन्नौज की तिर्वा सीट से विधायक Kailash Singh Rajput, अलीगढ़ की खैर सीट से विधायक Surendra Diler और वाराणसी से एमएलसी Hansraj Vishwakarma को भी राज्यमंत्री बनाया गया। कैलाश राजपूत को शामिल कर भाजपा ने मध्य यूपी और राजपूत समाज को साधने की कोशिश की है। सुरेंद्र दिलेर पश्चिमी यूपी में दलित समाज का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। वहीं हंसराज विश्वकर्मा अति पिछड़ा वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं और भाजपा संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह मंत्रिमंडल विस्तार पूरी तरह 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति को ध्यान में रखकर किया गया है। भाजपा ने इस विस्तार में जाट, दलित, ओबीसी और ब्राह्मण समाज को प्रतिनिधित्व देकर सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की है। सपा के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फार्मूले का जवाब भाजपा अपने “सर्वसमावेशी” सामाजिक समीकरण से देना चाहती है। यही वजह है कि इस बार मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों का विशेष ध्यान रखा गया।
राजभवन में आयोजित समारोह के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। नए मंत्रियों के समर्थक फूल-मालाओं और मिठाइयों के साथ पहुंचे।सोशल मीडिया पर भी “योगी कैबिनेट विस्तार” पूरे दिन ट्रेंड करता रहा। कई समर्थकों ने इसे “2027 चुनाव का ट्रेलर” बताया।
शपथ ग्रहण के बाद अब सबसे बड़ी चर्चा इस बात को लेकर शुरू हो गई है कि किस मंत्री को कौन सा विभाग मिलेगा। राजनीतिक गलियारों में विभागों के बंटवारे को लेकर लगातार कयास लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही विभागों का आवंटन कर नई टीम को जिम्मेदारियां सौंपेंगे। योगी सरकार 2.0 का यह मंत्रिमंडल विस्तार आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करने वाला बड़ा कदम माना जा रहा है।