
योगी मंत्रिमंडल विस्तार में खत्म हुआ सस्पेंस, मनोज पांडे बने कैबिनेट मंत्री, आठ नेताओं ने ली शपथ (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
UP Cabinet Expansion: उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से चल रहा मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व वाली योगी सरकार 2.0 में रविवार को आठ नए चेहरों को शामिल किया गया। राजधानी लखनऊ के जन भवन में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल Anandiben Patel ने सभी नेताओं को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस विस्तार की सबसे बड़ी चर्चा समाजवादी पार्टी से बगावत करने वाले Manoj Kumar Pandey को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने को लेकर रही। लंबे समय से चल रहे राजनीतिक सस्पेंस के बाद आखिरकार भाजपा ने मनोज पांडे को सरकार में बड़ी जिम्मेदारी देकर स्पष्ट संदेश दे दिया कि पार्टी अपने साथ आने वाले नेताओं को राजनीतिक सम्मान देने में पीछे नहीं हटती।
लखनऊ स्थित जन भवन में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहुंचते ही राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया। मंच से नए मंत्रियों की तस्वीरें सामने आने के साथ ही समर्थकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। समारोह में भाजपा के वरिष्ठ नेता, मंत्री, विधायक और संगठन पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद कड़ी रखी गई थी।
योगी मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले नए चेहरों में Bhupendra Singh Chaudhary, Manoj Kumar Pandey, Krishna Paswan, Kailash Singh Rajput, Somendra Tomar, Ajit Pal, Hansraj Vishwakarma और Surendra Diler शामिल हैं।
इस मंत्रिमंडल विस्तार का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश मनोज पांडे को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने से जुड़ा माना जा रहा है। रायबरेली के ऊंचाहार से विधायक मनोज पांडे कभी समाजवादी पार्टी सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं।
राज्यसभा चुनाव के दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी की लाइन से अलग रुख अपनाया था, जिसके बाद से ही उनके भाजपा के करीब आने की चर्चा तेज हो गई थी। अब उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाकर भाजपा ने विपक्ष को बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा इस फैसले के जरिए विपक्षी दलों में सेंध लगाने और ब्राह्मण वोट बैंक को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी की सरकार में वापसी भी बेहद अहम मानी जा रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मजबूत पकड़ रखने वाले भूपेंद्र चौधरी को भाजपा संगठन और सरकार दोनों का अनुभवी चेहरा माना जाता है। उनकी एंट्री को जाट समाज और पश्चिमी यूपी के राजनीतिक समीकरणों को साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा पश्चिमी यूपी में अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है।
मंत्रिमंडल विस्तार में भाजपा ने सामाजिक संतुलन साधने की पूरी कोशिश की है। कृष्णा पासवान, सुरेंद्र दिलेर और हंसराज विश्वकर्मा जैसे नेताओं को शामिल कर पार्टी ने दलित और पिछड़ा वर्ग को मजबूत संदेश दिया है।
फतेहपुर की खागा सीट से विधायक कृष्णा पासवान को शामिल कर भाजपा ने महिला और अनुसूचित जाति प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता दी है। वहीं हंसराज विश्वकर्मा की एंट्री अति पिछड़ा वर्ग के वोट बैंक को साधने की रणनीति मानी जा रही है।
मौजूदा राज्य मंत्री रहे सोमेंद्र तोमर और अजीत सिंह पाल का भी इस विस्तार में कद बढ़ाया गया है। दोनों नेताओं को नई जिम्मेदारियों के साथ सरकार में अधिक प्रभावशाली भूमिका मिलने की संभावना जताई जा रही है। मेरठ दक्षिण से विधायक सोमेंद्र तोमर पश्चिमी यूपी में भाजपा का मजबूत चेहरा माने जाते हैं, जबकि कानपुर देहात से आने वाले अजीत पाल ओबीसी राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक यह मंत्रिमंडल विस्तार केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी का अहम हिस्सा है। भाजपा जातीय और क्षेत्रीय संतुलन बनाकर हर वर्ग तक राजनीतिक संदेश पहुंचाना चाहती है। पार्टी ने इस विस्तार में पश्चिमी यूपी, पूर्वांचल, दलित, पिछड़ा और ब्राह्मण समाज के नेताओं को शामिल कर व्यापक सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश की है। सपा के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फार्मूले का जवाब भाजपा अपने “सर्वसमावेशी” सामाजिक प्रतिनिधित्व से देना चाहती है।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान नए मंत्रियों के समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला। कई नेताओं के समर्थक फूल-मालाओं और मिठाइयों के साथ पहुंचे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसे “नए राजनीतिक संदेश” वाला विस्तार बताया। सोशल मीडिया पर भी मंत्रिमंडल विस्तार पूरे दिन ट्रेंड करता रहा।
शपथ ग्रहण के बाद अब सबसे बड़ी चर्चा इस बात को लेकर शुरू हो गई है कि किस मंत्री को कौन सा विभाग मिलेगा। राजनीतिक गलियारों में विभागों के बंटवारे को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं।माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही विभागों का आवंटन कर नई टीम को जिम्मेदारियां सौंपेंगे। योगी सरकार 2.0 का यह विस्तार आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करने वाला बड़ा कदम माना जा रहा है।
Published on:
10 May 2026 04:16 pm
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