
योगी सरकार 2.0 का बड़ा विस्तार: 6 नए मंत्री शामिल, 2 नेताओं को प्रमोशन (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
UP Cabinet Expansion 2026 : उत्तर प्रदेश की राजनीति में रविवार का दिन बेहद अहम रहा। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व वाली योगी सरकार 2.0 का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार आखिरकार हो गया। राजधानी लखनऊ के जन भवन में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में छह नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई, जबकि दो मौजूदा राज्य मंत्रियों को प्रमोशन देकर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया।
इस मंत्रिमंडल विस्तार को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा की बड़ी राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा ने जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधते हुए दलित, पिछड़ा, जाट और ब्राह्मण वर्ग को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है। राज्यपाल Anandiben Patel ने सभी नेताओं को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे और उन्होंने सभी नए मंत्रियों को शुभकामनाएं दीं।
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष Bhupendra Singh Chaudhary ने सबसे पहले मंत्री पद की शपथ ली। भूपेंद्र चौधरी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा का बड़ा जाट चेहरा माने जाते हैं। मुरादाबाद के रहने वाले भूपेंद्र चौधरी इससे पहले योगी सरकार के पहले कार्यकाल में पंचायती राज मंत्री भी रह चुके हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार भाजपा ने उन्हें फिर से सरकार में शामिल कर पश्चिमी यूपी और जाट वोट बैंक को मजबूत संदेश देने की कोशिश की है। लोकसभा चुनाव के बाद पश्चिमी यूपी के बदलते समीकरणों को देखते हुए यह फैसला बेहद अहम माना जा रहा है।
ऊंचाहार (रायबरेली) से विधायक Manoj Kumar Pandey को भी कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। मनोज पांडे समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे और लगातार तीन बार विधायक चुने गए। वर्ष 2012, 2017 और 2022 में उन्होंने सपा के टिकट पर चुनाव जीता था। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने सपा से दूरी बना ली और भाजपा के करीब आ गए। राज्यसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने सपा लाइन से अलग रुख अपनाया था। अब भाजपा ने उन्हें मंत्री बनाकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा इस फैसले के जरिए ब्राह्मण समाज के साथ-साथ विपक्षी दलों में भी सेंध लगाने की कोशिश कर रही है।
मौजूदा राज्य मंत्री Ajit Pal और Somendra Tomar को प्रमोशन देकर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है। अजीत सिंह पाल कानपुर देहात की सिकंदरा सीट से विधायक हैं और ओबीसी राजनीति में उनका प्रभाव माना जाता है। वहीं मेरठ दक्षिण से विधायक सोमेंद्र सिंह तोमर पश्चिमी यूपी में भाजपा के मजबूत नेताओं में गिने जाते हैं। संगठन और सरकार में सक्रिय भूमिका के चलते भाजपा नेतृत्व ने उनके कद में इजाफा किया है। दोनों नेताओं को प्रमोशन देकर भाजपा ने युवा नेतृत्व और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता देने का संदेश दिया है।
मंत्रिमंडल विस्तार में चार नए नेताओं को राज्य मंत्री बनाया गया। इनमें Krishna Paswan, Kailash Singh Rajput, Surendra Diler और Hansraj Vishwakarma शामिल हैं।
1 कृष्णा पासवान
फतेहपुर की खागा सीट से विधायक कृष्णा पासवान भाजपा का प्रमुख दलित महिला चेहरा मानी जाती हैं। वह चार बार विधायक रह चुकी हैं। राजनीतिक सफर की शुरुआत उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में की थी और धीरे-धीरे विधानसभा तक पहुंचीं। भाजपा ने उन्हें मंत्री बनाकर दलित और महिला मतदाताओं को बड़ा संदेश देने की कोशिश की है।
2 कैलाश सिंह राजपूत
कन्नौज की तिर्वा सीट से विधायक कैलाश सिंह राजपूत को शामिल कर भाजपा ने मध्य यूपी और राजपूत समाज को साधने की रणनीति अपनाई है।
3 सुरेंद्र दिलेर
अलीगढ़ की खैर सीट से विधायक सुरेंद्र दिलेर पश्चिमी यूपी में दलित समाज का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। भाजपा ने उन्हें मंत्री बनाकर अनुसूचित जाति वर्ग को साधने की कोशिश की है।
4 हंसराज विश्वकर्मा
वाराणसी से एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा अति पिछड़ा वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं। संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए भाजपा ने उन्हें सरकार में जगह दी है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक योगी सरकार का यह मंत्रिमंडल विस्तार पूरी तरह आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर किया गया है। इस विस्तार में भाजपा ने जातीय संतुलन पर विशेष ध्यान दिया है। संभावित छह नए मंत्रियों में एक ब्राह्मण, तीन ओबीसी और दो दलित समाज से हैं। भाजपा लगातार विपक्ष के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण का मुकाबला करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में यह मंत्रिमंडल विस्तार भाजपा की सामाजिक इंजीनियरिंग रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। योगी सरकार में विस्तार से पहले 54 मंत्री कार्यरत थे। अब नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद मंत्रिमंडल की संख्या और मजबूत हो गई है। राजनीतिक गलियारों में अब इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि किस मंत्री को कौन सा विभाग मिलेगा और किन विभागों में फेरबदल हो सकता है।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। नए मंत्रियों के समर्थक फूल-मालाओं और मिठाइयों के साथ पहुंचे। सोशल मीडिया पर भी पूरे दिन “योगी कैबिनेट विस्तार” ट्रेंड करता रहा। भाजपा समर्थकों ने इसे “2027 की तैयारी” और “सामाजिक संतुलन वाला विस्तार” बताया।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह मंत्रिमंडल विस्तार केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी का बड़ा संकेत है। भाजपा इस विस्तार के जरिए हर सामाजिक वर्ग को प्रतिनिधित्व देकर चुनावी जमीन मजबूत करना चाहती है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि नएमंत्रियों को कौन-कौन से विभाग मिलते हैं और योगी सरकार आगे कौन से बड़े राजनीतिक फैसले लेती है।
Updated on:
10 May 2026 05:17 pm
Published on:
10 May 2026 04:48 pm
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