Lok Sabha Elections 2024 यूपी में भजपा की सरकार करीब करीब बन ही चुकी है। कुछ औपचारिकता ही बाकी हैं। पर अब यूपी सरकार की परीक्षा होगी। जनता की अपेक्षाएं और सरकार की चुनौतियां बड़ी भारी हैं। ऐसी चर्चाएं हैं कि अगर सरकार के नए मुखिया योगी आदित्यनाथ इन पांच चुनौतियों से निपट लिए तो 2024 में केंद्र में भाजपा की राह आसान हो जाएगी। और नरेंद्र मोदी की फिर सरकार होगी।

(महेंद्र प्रताप सिंह) यूपी विधानसभा के नतीजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व पर जनता के भरोसे का प्रतीक हैं। नतीजों का एक अहम संदेश यह भी है कि 2024 के आम चुनावों के लिए नींव तैयार है। जनता की उम्मीदें उफान पर हैं। भाजपा की सीटों की संख्या भले ही 2017 के मुकाबले घटकर 255 पर आ गयीं हों लेकिन, पिछली बार के 39.37 प्रतिशत की तुलना में इस बार 41.38 प्रतिशत वोट मिले हैं। यानी 2.13 प्रतिशत और अधिक मतदाताओं ने भाजपा पर विश्वास जताया है। ऐसे में 10 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिए गए इस भाषण ये वोट का नमक जो आपने मुझे खिलाया है, उसका कर्ज चुकाता रहूंगा... का फर्ज अदा करने की जिम्मेदारी योगी आदित्यनाथ पर आ पड़ी है। जनता की अपेक्षाएं और सरकार की चुनौतियां बड़ी भारी हैं। यदि योगी आदित्यनाथ इन पांच चुनौतियों से निपट लिए तो 2024 में केंद्र में नरेंद्र मोदी की फिर सरकार होगी।
मुफ्त अनाज
उत्तर प्रदेश 15 करोड़ से अधिक राशन कार्ड धारकों को मुफ्त राशन की डबल डोज देने वाला देश का पहला राज्य है। मुफ्त अनाज ने भाजपा के पक्ष में मतदान करने में अहम भूमिका निभाई। इतनी बड़ी आबादी को आने वाले दिनों में भी फ्री राशन मिलता रहे, यह सरकार की बड़ी चुनौती है।
कानून व्यवस्था
अपराध का दंश झेल रही यूपी की जनता के सामने सुरक्षा और कानून व्यवस्था में सुधार सबसे बड़ा मुद्दा था। भाजपा के लिए इसने संजीवनी का काम किया। बहू-बेटियों की सुरक्षा और माफिया व अवैध संपत्तियों के कब्जेदारों पर बुलडोजर देखने को आदी हो चुकी जनता को आश्वत करना मुश्किल भरा कदम होगा।
समग्र विकास
पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गंगा और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे, आगरा, कानपुर और गोरखपुर में मेट्रो, अयोध्या, कुशीनगर समेत पांच-पांच एयरपोर्ट, हर जिले में मेडिकल कालेज जैसी यूपी के समग्र विकास की योजनाएं भाजपा की जीत में सहायक साबित हुई हैं। डिफेंस कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट से रोजगार सृजन की उम्मीदों पर खरा उतरना चुनौती होगा।
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रोजगार सृजन
योगी आदित्यनाथ ने मार्च 2017 में जब प्रदेश की कमान संभाली तब बेरोजगारी दर 2.4 प्रतिशत थी, जो कि नवंबर 2021 में 4.8 प्रतिशत हो गई। भले ही इन पांच सालों में रोजगार पर बहुत काम हुआ, लेकिन बेरोजगारी दर कम नहीं हुई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, करीब 2 लाख 17 हजार पद खाली हैं। इन्हें जल्द भरना इतना आसान नहीं होगा।
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद
अयोध्या में राममंदिर और वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण ने जनता के दिलों में जगह बनायी है। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दों ने भाजपा के पक्ष में बहुसंख्यक समाज को लामबंद करने में बड़ी भूमिका निभाई। योगी सरकार के लिए आगे भी सीएए,एनएचआरसी जैसे मुद्दे को जिंदा रखना मजबूरी होगी।