लखनऊ

अखिलेश ने बिठा दिया था फलक पर, योगी सरकार ने 106 जेई के लिए ले लिया ये फैसला

Yogi Government: योगी सरकार ने अपने एक्शन मोड में एक और फैसला लिया। अखिलेश सरकार में 106 जूनियर इंजीनियरों को गलत तरह से प्रमोट कर दिया गया था।

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Apr 27, 2022
file Photo of Yogi Adityanath

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन दिनों फुल एक्शन में हैं। छोटी से लेकर बड़ी घटनाओं का तुरंत निस्तारण हो रहा है। इस बीच कई अधिकारियों के खिलाफ भी सीएम योगी ने हाल ही में सख्त रुख अपनाया। अब योगी सरकार सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ भी कड़ा रुख अपना रही है। इसी के तहत लोकनिर्माण विभाग में कार्यरत 106 जूनियर इंजीनियर्स को डिमोट करने का फैसला किया है। इनका प्रमोशन अखिलेश सरकार में हुआ था।

अधिकारियों के अनुसार योगी सरकार ने उन 106 जूनियर इंजीनियरों को डिमोट किया है, जिनको अखिलेश यादव की सरकार में गलत तरीके से प्रोमोशन मिला था। दरअसल 2013 में तत्कालीन अखिलेश सरकार ने 106 जूनियर इंजीनियरों को डिप्लोमा के आधार पर प्रोमोट किया था। इन सभी इंजीनियरों को नियमों के विरुद्ध डिप्लोमा के आधार पर प्रोमोशन दिया गया था जो गलत था। रिव्यु कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सरकार द्वारा ये निर्णय लिया गया है। सभी 106 इंजीनियर्स को दोबारा से उसी पोस्ट पर कर दिया गया।

रिव्यू कमेटी ने की जांच

सभी इंजीनियरों की जांच एक रिव्यू कमेटी द्वारा की गई थी। टीम ने जांच कर अपनी रिपोर्ट लोक निर्माण विभाग को सौंपी। लोक निर्माण विभाग ने ये रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दी। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को ही इस रिपोर्ट को देखा और फिर 106 जूनियर इंजीनियर्स को डिमोट कर दिया।

एक्शन में मुख्यमंत्री

दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के कुछ दिन बाद ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने औरैया और सोनभद्र के जिला अधिकारी को सस्पेंड कर दिया था। औरैया जिला अधिकारी सुनील वर्मा के खिलाफ भ्रस्टाचार की शिकायतें आई थीं, जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी ने ये कड़ा फैसला लिया था। वहीं, सोनभद्र के जिला अधिकारी टीके शिबू और गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पवन कुमार को भी सीएम योगी ने सस्पेंड कर दिया था। इससे यह साबित होता है कि योगी सरकार अधिकारियों कारगुजारियां और ढीलापन बर्दाश्त नहीं करेगी।

Updated on:
27 Apr 2022 05:39 pm
Published on:
27 Apr 2022 05:38 pm
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