लखनऊ

आवारा गौवंश की देखभाल पर किसानों को हर माह मिलेंगे 900 रुपए

- निराश्रित पशुओं की देखभाल करने वाले किसानों के खाते में सीधे पहुंचेगी राशि- गौवंश की रक्षा के लिए Yogi Adityanath सरकार ने अब तक खर्च किये करोड़ों रुपए- योगी सरकार की इस योजना से छुट्टा जानवरों की समस्या से मिलेगी निजात - गौवंश के लिए सबसे ज्यादा राशि देने वाला राज्य बना यूपी, अब तक 631.60 करोड़

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Jul 10, 2019
आवारा गौवंश की देखभाल पर किसानों को हर माह मिलेंगे 900 रुपए

लखनऊ. गौवंश की सुरक्षा (Gauvansh) को लेकर मुख्मयंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) बेहद गंभीर हैं। योगी सरकार ने कांजी हाउस को गौ संरक्षण केंद्रों में बदला तो वहीं इनके वित्तीय प्रबंधन के लिए आबकारी विभाग शराब पर दो प्रतिशत 'गौ कल्याण उपकर' लगाने का प्रस्ताव भी कैबिनेट में पास हुआ। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आवारा पशुओं की देखभाल करने वाले किसानों को हर माह 900 रुपए देने का एलान किया है। माना जा रहा है कि अनुपूरक बजट में सरकार इस महत्वपूर्ण योजना का एलान कर सकती है।

पूर्वांचल व बुंदेलखंड विकास बोर्ड की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एलान किया कि उन किसानों के खाते में सरकार 30 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से पैसे भेजेगी, जो कम से कम दो निराश्रित गायों की देखभाल करेंगे। यह राशि हर महीने सीधे किसानों के खाते में पहुंचेगी। राज्य सरकार की यह योजना पूरे प्रदेश में एक साथ लागू की जाएगी। माना जा रहा है कि सरकार की इस योजना के बाद किसान निराश्रित गौवंश का छोड़ने से परहेज करेंगे। इससे प्रदेश के किसानों को छुट्टा जानवरों की समस्या से निजात मिलेगी।

गौसेवा आयोग देगा प्रमाण पत्र
गौवंश को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने से पहले अब गौसेवा आयोग से प्रमाण पत्र लेना जरूरी होगा। सीएम कार्यालय से जारी बयान में इसकी जानकारी देते हुए कहा गया कि गौवंश को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने से पहले संबंधित को गौसेवा आयोग से प्रमाण पत्र लेना होगा। गौवंश अपने स्थान पर सुरक्षित पहुंच जाएं, इसकी जिम्मेदारी भी गौसेवा आयोग के कंधों पर रहेगी।

गौरक्षा के लिए दिए 631.60 करोड़
उत्तर प्रदेश (Yogi Adityanath) देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां गोवंश की रक्षा के लिए सबसे अधिक बजट का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2019-20 के लिए पेश किए बजट में गोवंश कल्याण के लिए विभिन्न मदो में करीब 631 करोड़ 60 लाख रुपए की व्यवस्था की गयी है। इनमें 'गौ कल्याण उपकर', गौशालाओं के निर्माण (247.60 करोड़), बेसहारा पशु आश्रय योजना (200 करोड़) और कांजी हाउस के पुनर्निर्माण (20 करोड़ रुपए) रुपए शामिल हैं। इससे अलावा योगी सरकार (UP Government) ने प्रदेश के सभी नगर निगमों को गोशाला और आवारा पशुओं के लिए आश्रय स्थल बनाने के लिए 10-10 करोड़ रुपए जारी किए गए थे। इसके पहले सभी 75 जिलों में गौवंशों के आश्रय स्थल के लिए 1.2 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई थी। इस मद में कुल 90 करोड़ रुपए जारी हुए थे। पिछले वर्ष, राज्य के 653 शहरी निकायों में से 69 को नई गौशालाओं के निर्माण के लिए प्रत्येक निकाय को 10 लाख रुपये से 30 लाख रुपये की धनराशि जारी की गई थी।

Updated on:
10 Jul 2019 01:24 pm
Published on:
10 Jul 2019 01:23 pm
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