
पत्रिका एक्सक्लूसिव
लखनऊ. उप्र में औद्योगिक माहौल बनाने में जुटी योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Government) अब अगली इन्वेस्टर समिति और भी भव्य तरीके से करने जा रही है। अगले साल फरवरी माह में इंटरनेशनल इन्वेस्टर समिति (International Investor Summit in Feb 2020) करने की सरकार की योजना है। इस इंटरनेशनल समिति में हांगकांग,जापान,सिंगापुर,चीन, यूके,जर्मनी और सेन फ्रांसिस्को जैसे देशों के उद्यमियों को फोकस किया जाएगा। सरकार चाहती है कि देश के साथ ही विदेश के भी उद्यमी भारत खासकर उप्र आएं और यहां इन्वेस्टमेंट करें।
योगी सरकार ने 2018 में अपनी पहली इन्वेस्टर समिति में 4 लाख करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का एमओयू किया था। इसमें से कई परियोजनाओं पर काम भी शुरू हो गया है। जबकि, 2019 में हुई इन्वेस्टर समिति में रक्षा और आईटी परियोजनाओं पर जोर दिया गया। तीसरी इन्वेस्टर समिति का फोकस अंतरराष्ट्रीय स्तर के उद्यमियों पर है। फरवरी 2020 में आयोजित इस इंटरनेशनल इन्वेस्टर समिति से पहले राज्य सरकार देश और विदेश में रोड शो करने पर विचार कर रही है। प्रदेश सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह हांगकांग,जापान,सिंगापुर,चीन, यूके,जर्मनी और सेन फ्रांसिस्को जैसे देशों में मेगा रोड शो की तैयारी करें। इसके अलावा दिल्ली, मुबंई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में भी भव्य पैमाने पर रोडशो किए जाने की योजना है।
अक्टूबर से शुरू हो जाएगा रोडशो
2018 में भी योगी सरकार की योजना इंटरनेशनल इन्वेस्टर समिति किए जाने की योजना थी लेकिन तब इसके लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाया था। औद्योगिक विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार इसी हफ्ते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2020 की इन्वेस्टर समिति के कार्यक्रमों को अंतिम रूप देंगे। जो प्रस्ताव बनाया गया है उसके मुताबिक अक् टूबर में रोड शो शुरू हो जाएगा। जबकि विदेशी निवेशकों से संपर्क साधने के लिए नवंबर में अफसरों की टीम विदेश दौरे पर जा सकती है। कम से कम 4-5 अफसरों की टीम साउथईस्ट के पांच देशों के दौरे पर जाएगी। जनवरी मे एशियाई देशों का दौरा प्रस्तावित है।
इन उद्यमों पर ज्यादा जोर
राज्य सरकार का जोर आईटी, इलैक्ट्रानिक्स, फूड एंड एग्रो,एयरो स्पेश, डिफेंस, फार्मा, इनर्जी, डेयरी, टेक्साइल और मैन्यूफैक्चरिंग जैसे सेक्टर पर है। नीदरलैंड से तो बातचीत अंतिम दौर में हैं। इसी तरह कई अन्य देशों से भी बातचीत चल रही है।