2022 तक 100 करोड़ का ऋण वितरित करने का लक्ष्य
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. यूपी की सरकार किसानों की खेती-किसानी की जरूरत को पूरा करने के लिये उन्हें आसान ऋण मुहैया कराएगी। ताकि कृषि जरूरतों के लिये साहूकारों और महाजनों से ब्याज पर कर्ज न लेना पड़ेगा। किसानों को एक लाख रुपये नकद मिलेंगे, जिसके जरिये वो खेती उन्हें जरूरत जैसे सिंचाईं, बोआईं, खाद और बीज आदि की खरीदारी में सहूलियत होगी। किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर रकम वापसी होगी। करीब एक लाख रुपये उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक की 323 शाखाओं के जरिये मिलेंगे।
हालांकि किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा पहले से है और आर्हता पूरी करने वाले किसान बड़े आराम से इसकी सुविधा ले सकते हैं। पर अक्सर कम पढ़े-लिखे किसानों को क्रेडिट कार्ड से लेन-देन में परेशानी होती है। इसको देखते हुए यूपी सरकार किसानों को यूपी सहकारी ग्राम विकास बैंक के जरिये नकद रुपये देने की तैयारी कर रही है। ये रुपये लघु, सीमांत और बड़े किसानों को उनकी जमीन की वैल्यू के हिसाब से कर्ज के रूप में दिये जाएंगे। जमीन के अनुरूप बैंक उन्हें कर्ज देगा और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी सहूलियत से इसे चुकता करना होगा।
उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के प्रबंध निदेशक एके सिंह बताते हैं कि बैंक प्रदेश सरकार की किसानों की आय दोगुनी करने की मंशा के तहत काम कर रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए बैंक क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर किसानों को एक लाख रुपये तक नकद रुपये कर्ज के रूप में देने का फैसला किया है। नए फाइनेंशियल ईंयर से योजना लागू की जाएगी। उनके मुताबिक कर्ज की धनराशि किसान की जमीन के कागजात के आधार पर तय होगी।
60 लाख से अधिक किसानों को होगा फायदा
इस योजना का मकसद है कि इससे ज्यादा से ज्यादा किसान लाभान्वित हों। इसके लिये मार्च 2022 तक 100 करोड़ का कर्ज बांटने का लक्ष्य है। मार्च 2022 तक किसानों को 100 करोड़ रुपये का कर्ज बांटने का लक्ष्य रखा गया है। 500 करोड़ की गारंटी पर जून तक 300 करोड़ का ऋण वितरित होना है। अगले वित्तीय वर्ष में बैंक सभी मदों में मिलाकर 550 करोड़ का कर्ज किसानों को 11 से साढ़े 11 प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराएगा। बैंक के जरिये 60 लाख से अधिक किसानों को फायदा होने की उम्मीद है।