
Yogi Govt Action Analogue Dairy Products Ban: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए एक सख्त कदम उठाया है। सरकार ने एनालॉग डेयरी उत्पादों यानी नकली या मिलावटी डेयरी सामान की खरीद-बिक्री और निर्माण पर प्रदेश भर में पूरी तरह रोक लगा दी है। इसमें पनीर, घी, खोया, क्रीम और छेना जैसे आम इस्तेमाल वाले सामान शामिल हैं।
सरकार का साफ आदेश है कि ऐसे उत्पादों का न तो उत्पादन होगा और न ही इन्हें बाजार में बेचा जाएगा। ये वे उत्पाद हैं जिन्हें असली दूध की जगह वनस्पति तेल, पामोलिन या अन्य रसायनों से बनाया जाता है और डेयरी प्रोडक्ट के नाम पर बेचा जाता है। इस फैसले के बाद डेयरी कारोबारियों में हलचल मच गई है।
दरअसल पिछले दिनों प्रदेश के कई जिलों से नकली और मिलावटी पनीर-घी की शिकायतें लगातार आ रही थीं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इसकी जांच के लिए विशेष अभियान चलाया। 24 टीमों ने गाजियाबाद, मथुरा और सहारनपुर की कई इकाइयों का अचानक निरीक्षण किया। 25 इकाइयों पर कार्रवाई हुई। इनमें से कई जगह पनीर बनाने में औद्योगिक रसायन और रिफाइंड तेल का इस्तेमाल पाया गया। अस्वच्छ हालात में निर्माण भी पकड़ा गया। छह जगहों पर एफआईआर भी दर्ज की गई।
जांच में 72 सैंपल लिए गए जो लैब में भेजे गए हैं। मानकों के खिलाफ बनी करीब 7686 किलो सामग्री नष्ट करवाई गई, जिसकी कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई गई। इसके अलावा 2131 किलो सामान और मिश्रण भी जब्त किया गया।
सरकार का कहना है कि इस कदम से लोगों को शुद्ध दूध से बने उत्पाद मिल सकेंगे। कई राज्यों में पहले ही ऐसे एनालॉग उत्पादों पर पाबंदी लगाई जा चुकी है। अब यूपी में भी यही नियम लागू हो गया है। असली दूध से बने मानक वाले डेयरी प्रोडक्ट की बिक्री जारी रहेगी।
खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मिलावट पकड़े जाने पर यूनिट पर सख्त कार्रवाई होगी। उत्पादों को जब्त कर नष्ट किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर निर्माण इकाई को बंद भी कराया जा सकता है। लोगों की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।