
अखिलेश यादव की नेताओं को सख्त नसीहत (photo- x@yadavakhilesh)
Akhilesh Yadav News: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज होती जा रही हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक मंचों पर बयानबाजी को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। लखनऊ में पार्टी के एक कार्यक्रम में अखिलेश ने साफ कहा कि अब चुनाव में ज्यादा समय नहीं बचा है, इसलिए नेताओं को हर बयान सोच-समझकर देना होगा।
अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी के किसी भी नेता की ऐसी टिप्पणी सामने नहीं आनी चाहिए, जिसका राजनीतिक फायदा बीजेपी उठा सके। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में पार्टी अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए मुद्दों से जुड़ा एक लिखित दस्तावेज तैयार करेगी, ताकि चुनाव प्रचार के दौरान सभी नेता प्रमुख मुद्दों पर एक जैसी और स्पष्ट बात रख सकें।
अखिलेश ने कहा कि चुनाव के लिए अब ज्यादा वक्त नहीं है और टिकटों को लेकर भी प्रक्रिया आगे बढ़नी है। ऐसे में पार्टी नेताओं को अपने बयानों को लेकर खास सावधानी बरतनी होगी। उन्होंने कहा कि छोटे से लेकर बड़े नेताओं तक के लिए एक पर्चा तैयार कराया जाएगा, जिसमें चुनाव से जुड़े प्रमुख मुद्दे बताए जाएंगे। उनका कहना था कि नेताओं को इन्हीं मुद्दों पर अपनी बात रखनी चाहिए और अनावश्यक बयानबाजी से बचना चाहिए। सपा प्रमुख ने किसानों की खाद और एमएसपी, एक्सप्रेसवे, आरक्षण और सरकारी व्यवस्थाओं जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने अलग-अलग विभागों से जुड़े मुद्दों और सरकार के कामकाज को लेकर किताबें भी तैयार कराई हैं। इनका इस्तेमाल चुनावी अभियान में किया जाएगा।
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अखिलेश यादव ने बीजेपी और आरएसएस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति में भाईचारा मजबूत करने और संविधान की रक्षा करने की जरूरत है। अखिलेश ने बीजेपी के राष्ट्रवाद को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उनका और समाजवादी पार्टी का राष्ट्रवाद विविधता वाला है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लाल किला झूठ बोलने की जगह नहीं है।
अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण कानून का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार महिला आरक्षण को लागू करना चाहती है तो इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से ही लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इसके लिए तैयार है।उन्होंने देश की सीमाओं और संसद में विपक्षी नेताओं के साथ व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए। साथ ही बीजेपी और आजादी को लेकर अपनी टिप्पणी में उन्होंने कहा कि दोनों की विचारधाराएं एक-दूसरे के विपरीत हैं।
अखिलेश यादव ने महिलाओं के लिए प्रस्तावित आर्थिक सहायता को लेकर भी बीजेपी सरकार पर तंज कसा। उन्होंने सवाल उठाया कि जो सरकार पहले की आर्थिक सहायता नहीं दे पाई, वह बड़ी रकम देने का वादा कैसे पूरा करेगी। दरअसल, राज्य सरकार की ओर से महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता योजना को लेकर चर्चा है। इसी को लेकर अखिलेश ने सरकार के वादों पर सवाल खड़े किए और लोगों से ऐसे वादों पर भरोसा करने से पहले सोचने की बात कही। कुल मिलाकर, चुनाव से पहले अखिलेश यादव का नेताओं को दिया गया संदेश साफ है, पार्टी के मुद्दों से भटकने के बजाय तय रणनीति के तहत प्रचार किया जाए और ऐसा कोई बयान न दिया जाए, जिससे विपक्ष को सियासी बढ़त मिल सके।
Updated on:
15 Aug 2026 03:45 pm
Published on:
15 Aug 2026 03:45 pm
