लखनऊ

जुफर फारूकी फिर चुने गए सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष, एक वोट के अंतर से सपा के इमरान माबूद खान को हराया

जुफर फारूकी तीसरी बार सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड (Sunni Central Waqf Board) के अध्यक्ष चुने गए हैं। अपने प्रतिद्वदियों को कड़ी टक्कर देते हुए जुफर फारूकी ने यह जीत हासिल की है। जुफर ने अपने प्रतिद्वंदी इमरान माबूद खान को एक वोट के अंतर से हराया है।
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Updated: 10 Mar 2021, 9:43 AM IST
जुफर फारूकी फिर चुने गए सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष, एक वोट के अंतर से सपा के इमरान माबूद खान को हराया
जुफर फारूकी फिर चुने गए सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष, एक वोट के अंतर से सपा के इमरान माबूद खान को हराया

लखनऊ. जुफर फारूकी तीसरी बार सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड (Sunni Central Waqf Board) के अध्यक्ष चुने गए हैं। अपने प्रतिद्वदियों को कड़ी टक्कर देते हुए जुफर फारूकी ने यह जीत हासिल की है। जुफर ने अपने प्रतिद्वंदी इमरान माबूद खान को एक वोट के अंतर से हराया है। 11 सदस्यीय बोर्ड में आठ सदस्यों का चुनाव होता है जबकि तीन सदस्य सरकार नामित करती है। इनमें दो सांसद, दो विधायक, दो बार कौंसिल सदस्य, दो मुतवल्ली, एक इस्लामिक स्कॉलर, एक समाजसेवी व एक संयुक्त निदेशक स्तर के अफसर शामिल हैं। उनके विरोध में बार काउंसिल सदस्य इमरान माबूद खां खड़े हुए। उनके नाम का प्रस्ताव सपा के मुरादाबाद से सांसद एसटी हसन ने किया। सांसद कोटे के दोनों वोटर सपा के एसटी हसन व बसपा के अमरोहा के सांसद कुंवर दानिश अली ने जुफर के विरोध में मतदान किया। जबकि सपा से एक विधायक व सरकार द्वारा नामित तीन सदस्यों ने जुफर के लिए वोट किया।

विधायक अपरार को सपा ने दिया नोटिस

सपा के अबरार ने जुफर फारूकी को वोट दिया। जुफर को वोट देने के लिए विधायक अबरार अहमद को सपा ने नोटिस दिया है। उन्हें एक सप्ताह में जवाब देने के लिए कहा गया है। पार्टी का कहना है कि जब चुनाव में सपा समर्थित माबूद खां खड़े थे तो फिर जुफर को वोट क्यों दिया? वहीं, विधायक अबरार अहमद का कहना है कि उन्होंने पिछले पांच साल जुफर के साथ काम किया था, इसलिए उन्हें इस बार भी वोट दिया है। पार्टी ने भी किसे वोट देना है, इस पर स्थिति नहीं साफ की थी। उन्होंने कहा है कि नोटिस आया है तो वह उसका जवाब देंगे।

हटाए जाएंगे अवैध कब्जे

तीसरी बार अध्यक्ष चुने जाने पर जुफर फारूकी ने सभी का आभार जताते हुए कहा कि वे वक्फ संपत्तियों के विकास के लिए अवैध कब्जे हटाकर उनपर काम करेंगे। अयोध्या में मिली पांच एकड़ भूमि पर मस्जिद, अस्पताल, लाइब्रेरी, शोध संस्थान, कम्युनिटी किचन, म्यूजियम आदि बनाने के काम में तेजी लाई जाएगी।

Updated on:
10 Mar 2021, 9:43 AM IST
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