
Chhattisgarh News: महासमुंद जिले में एनालॉग डेयरी उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम लगातार छापामार कार्रवाई कर रही है। अब विभाग पुलिस की मदद से नेशनल हाईवे और मुख्य मार्गों पर डेयरी वाहनों की ट्रैकिंग कर पनीर और दूध की जांच करेगा। एनालॉग पनीर के नेटवर्क को तोड़ने के लिए वाहनों की ट्रैकिंग की जाएगी।
हाईवे पर खुले या संदिग्ध रूप से लाए जा रहे पनीर और दूध के वाहनों को रोककर उनके नमूने लिए जाएंगे। यह जानकारी भी जुटाई जाएगी कि दूध कहां से आया है और कहां जा रहा है। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि इससे कितना पनीर और कितनी मात्रा में दूध बेचा गया है। इसका रिकॉर्ड रखा जाएगा, ताकि एनालॉग पनीर बनाने वालों तक पहुंचा जा सके। हालांकि, खाद्य सुरक्षा विभाग के सामने स्टाफ की कमी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। ऐसे में विभाग पुलिस की मदद से यह कार्रवाई कर सकता है। सप्लाई चेन तोड़ने की दिशा में पहल की जाएगी।
मिली जानकारी के अनुसार, जब से एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाया गया है, तब से अब तक कुल 299 किलो पनीर जब्त कर नष्ट किया जा चुका है। खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहित अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि डेयरी वाहनों की ट्रैकिंग की जाएगी और एनालॉग पनीर की जांच की जाएगी।
नेशनल हाईवे पर वाहनों की जांच से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि एनालॉग पनीर की आपूर्ति कहां से और किस माध्यम से हो रही है। अब विभाग का फोकस केवल दुकानों तक सीमित नहीं रहेगा। अन्य वाहनों में छिपाकर ले जाए जा रहे एनालॉग पनीर और संदिग्ध डेयरी उत्पादों पर भी सख्ती बरती जाएगी।
वाहनों में संदिग्ध डेयरी उत्पाद, जैसे एनालॉग पनीर, दूध और अन्य सामग्री मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा लगातार छापामार कार्रवाई की जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के लाइसेंस भी रद्द किए जा रहे हैं। छापामार कार्रवाई में विभाग पुलिस की भी मदद ले रहा है। नकली या सिंथेटिक डेयरी उत्पादों की सप्लाई चेन को पूरी तरह तोड़ने की कोशिश की जाएगी।
जिले में अब तक कुल सात प्रतिष्ठानों से पनीर के सैंपल एकत्रित किए गए हैं। सैंपल को जांच के लिए भेज दिया गया है, लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं आई है। सैंपल की रिपोर्ट आने में करीब 14 दिन लगते हैं। इसके साथ ही विभाग पशु आहार की भी जांच करने की तैयारी में है। विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एनालॉग पनीर मुख्य रूप से डेयरी पनीर का कृत्रिम रूप है। इसे असली दूध के बजाय पाम ऑयल, स्टार्च, मिल्क पाउडर, सोया प्रोटीन और अन्य दूध से संबंधित सामग्रियों से तैयार किया जाता है। देखने, छूने और स्वाद में यह असली पनीर जैसा प्रतीत हो सकता है।