
CG News: छत्तीसगढ़ के महासमुंद शहर के बीच स्थित स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम आदर्श स्कूल मैदान आयोजन, कार्यक्रम और स्टॉल की भेंट चढ़ रहा है। आयोजक अमानत राशि भुगतान करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर हर कार्यक्रम के बाद स्कूल परिसर में कोई न कोई सामग्री टूटी हुई मिलती है। कार्यक्रम के बाद मैदान में गंदगी का आलम रहता है।
पूर्व कलेक्टर प्रभात मलिक के समय में हाई स्कूल मैदान को व्यवस्थित रखने के लिए आयोजकों से 10 हजार रुपए की अमानत राशि लेने के निर्देश दिए गए थे। स्कूल परिसर में नुकसान नहीं होने पर राशि लौटा दी जाती है, लेकिन विद्यालय परिसर में नुकसान होने पर शुल्क वसूला जाना था। अब राजनीति पहुंच वाले जनप्रतिनिधि और आयोजक अमानत राशि भुगतान में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
अब तक एक बार भी अमानत राशि जमा नहीं की गई है। पिछले दिनों यहां गरबा कार्यक्रम भी हुआ था। अब हाई स्कूल मैदान परिसर में पटाखा बाजार सजा हुआ है। जबकि, स्कूल के पालक समिति ने निर्णय लिया है कि मैदान में आयोजन व कार्यक्रम नहीं होंगे। स्कूल मैदान में बाजार सजने के बाद गंदगी का आलम रहता है। जिससे स्कूल आने वाले छात्रों को दिक्कत होती है।
स्वामी आत्मानंद स्कूल के प्राचार्य एचके आचार्य ने बताया कि अब तक किसी भी आयोजक ने अमानत राशि जमा नहीं की है। पटाखा बाजार के लिए भी 5 हजार रुपए की राशि ही तय की गई है। जो स्कूल परिसर के मेंटनेंस के लिए काफी कम है। कुछ महीने पहले गेट में टूटा हुआ मिला था और ग्रिल भी टूटा हुआ था। जिसको स्कूल द्वारा बनाया गया। नपा के राजस्व प्रभारी दिलीप चंद्राकर ने बताया कि अनुविभागीय अधिकारी से अनुमति ली गई है। स्कूल प्रबंधन को भी राशि दी जाएगी
स्कूल में पढ़ने के लिए आने वाले छात्र और आयोजन के बाद गंदगी से स्थानीय प्रशासन और पालिका को कोई सरोकार नहीं है। आयोजन के बाद सफाई नहीं होती है। जबकि, सफाई की जिमेदारी पालिका को भी दी गई थी। वर्तमान में पटाखा बाजार सजा हुआ है। पूर्व में दादाबाड़ा मैदान में भी बाजार सज रहा था। जबकि, बाजार के लिए वहां ज्यादा पैसा भुगतान किया गया।
स्कूल के छात्रों को इस मैदान में शायद ही कभी खेलने का अवसर मिला है। आए दिन यहां पर राजनीतिक, सांस्कृतिक और अन्य गतिविधियां होती रहती हैं। इसका खासा असर मैदान पर पड़ा है। मैदान में टेंट सजने से गड्ढे हो जाते हैं। जिससे मैदान खेलने लायक नहीं रहता, मैदान को फिर से तैयार करना पड़ता है।
शहर में तेज बारिश होने पर आदर्श स्कूल मैदान लबालब पानी से भर जाता है। निकासी व्यवस्था भी अब तक नहीं की गई है। जबकि, स्कूल परिसर के बाजू में ही नगर पालिका का कार्यालय है। महासमुंद नगर पालिका अब तक आदर्श स्कूल परिसर में निकासी व्यवस्था दुरस्त नहीं कर पाई है।