महासमुंद

मतदान के बाद अब कयासों का दौर शुरू, गली-मोहल्लों में हो रही चर्चा

मतदान संपन्न होने के बाद किसके सिर पर ताज होगा, किसकी पराजय होगी, एक-दूसरे की लड़ाई में तीसरे की किस्मत कैसे चमकेगी इस पर चौक-चौराहों पर चर्चा हो रही
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Nov 23, 2018
cg news
मतदान के बाद अब कयासों का दौर शुरू, गली-मोहल्लों में हो रही चर्चा

महासमुंद. मतदान संपन्न होने के बाद किसके सिर पर ताज होगा, किसकी पराजय होगी, एक-दूसरे की लड़ाई में तीसरे की किस्मत कैसे चमकेगी, कौन कहां भारी पड़ा, इस पर हर चौक-चौराहों पर चर्चा हो रही है। वहीं बूथ स्तर पर माहौल भांपकर प्रत्याशी अपनी जीत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। इधर, मतदाता चुप हैं, क्योंकि कोई जीते या हारे, उन्होंने अपना काम कर दिया।

फिलहाल, महासमुंद जिले के चारों विधानसभा सीटों के प्रत्याशियों की बैचेनी बढ़ गई है, क्योंकि जीत-हार के फैसले की घड़ी अभी नजदीक नहीं आई है, ११ दिसंबर तक इंतजार करना पड़ेगा। इवीएम खुलते ही प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला हो जाएगा। मालूम हो कि इस चुनाव के परिणाम की तस्वीर की झलक आगामी लोकसभा चुनाव में भी देखने को मिल सकती है। इसका असर भी पड़ेगा। प्रमुख राजनीतिक दलों को मुद्दे और दमखम का अंदाजा भी हो जाएगा। ऐसा माना जा रहा है कि इस चुनाव में पार्टी से बागी होकर चुनाव मैदान में उतरे बागियों के कारण नतीजे चौंकाने वाले भी हो सकते हैं, क्योंकि निर्दलीय प्रत्याशी जिनसे जुड़े थे, उन्हें भी प्रभावित करेंगे और दूसरों को भी। यही वजह है कि इस बार का चुनाव परिणाम बड़ा अहम होगा।

जानकारों की मानें तो हार और जीत के बीच नोटा बटन भी विलेन के रूप में है। हालांकि, नोटा बटन का प्रयोग करने वाले शहरी इलाके में ज्यादा हो सकते हैं। हो सकता है कि नोटा बटन से ग्रामीण अनभिज्ञ हों। इधर, जिले में मतदान को लेकर मतदाताओं में दिखे उत्साह को देखकर ऐसा लग रहा है कि मतदाता अब जागरूक हो गए हैं, उन्हें समझ में आ गया है कि एक वोट कितना कीमती है। मतदाता पसंद का नेता चुनकर ईवीएम का बटन दबाकर शांत तो हो गए, लेकिन इधर नतीजे को लेकर प्रत्याशियों की धड़कनें तेज हैं।

दिया है।

चुनाव के फैसले सामने आने के बाद प्रत्याशियों को भी अपनों के अपनापन का एहसास भी हो जाएगा। पार्टी में संतुलन बनाने के प्रयासों का आंकलन हो जाएगा। ऐसा भी माना जा रहा है कि इस बार दो विधानसभा सीटों के प्रत्याशियों को भितरघाती ही ले डूबेंगे, क्योंकि मुकाबला तगड़ा था। कोई किसी से कम नहीं थे।

Published on:
23 Nov 2018 03:11 pm