
Chhattisgarh Dhan Kharidi: छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन की धान कटाई शुरू होने के साथ ही समर्थन मूल्य पर खरीदी की तारीख को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रदेश में अगेती किस्म के धान की कटाई तेजी से चल रही है, जबकि मध्यम और देर से पकने वाली फसलों की कटाई भी अक्टूबर के अंत तक रफ्तार पकड़ने की संभावना है। इस बीच राज्य सरकार की ओर से धान खरीदी शुरू करने की तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं होने पर कांग्रेस नेता आलोक चंद्राकर ने किसानों के हित में जल्द फैसला लेने की मांग की है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के संयुक्त महासचिव और जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष आलोक चंद्राकर ने राज्य सरकार से आगामी 1 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसानों की फसल कटने के बाद उन्हें उपज सुरक्षित रखने और आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में परेशानी होती है। ऐसे में सरकार को समय पर खरीदी शुरू करने के साथ किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य भी देना चाहिए।
आलोक चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश में धान कटाई का काम तेजी से शुरू हो चुका है। आधुनिक हार्वेस्टर मशीनों के इस्तेमाल से कम समय में बड़ी मात्रा में फसल काटी जा रही है। लेकिन किसानों के सामने कटाई के बाद धान को सुरक्षित रखने की चुनौती भी खड़ी हो जाती है।
उन्होंने मांग की कि सरकार 1 नवंबर से धान खरीदी केंद्रों का संचालन शुरू करे, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए ज्यादा इंतजार न करना पड़े। समय पर खरीदी शुरू होने से किसानों को फसल के भंडारण की परेशानी से राहत मिल सकती है। साथ ही उन्हें घरेलू जरूरतों और खेती से जुड़े खर्चों के लिए समय पर पैसा मिल सकेगा।
कांग्रेस नेता के मुताबिक, प्रदेश के कई किसानों के पास घरों और खलिहानों में बड़ी मात्रा में धान सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। ऐसे में उन्हें कटाई के बाद अपनी उपज खुले में रखने के लिए मजबूर होना पड़ता है। खुले में रखे धान पर बेमौसम बारिश का खतरा बना रहता है। इसके अलावा चूहों और अन्य कारणों से भी फसल को नुकसान हो सकता है।
लंबे समय तक धान रखे रहने पर नमी और सूखने के कारण वजन में कमी आने की आशंका रहती है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। आलोक चंद्राकर ने कहा कि खरीदी में देरी होने से किसानों की परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए सरकार को फसल की स्थिति को देखते हुए खरीदी की प्रक्रिया समय पर शुरू करने की दिशा में कदम उठाना चाहिए।
आलोक चंद्राकर ने धान खरीदी की तारीख घोषित करने के साथ ही समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग भी उठाई है। उन्होंने सरकार से किसानों की उपज 3358 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष मौसम की मार और फसलों में कीट-व्याधियों के कारण किसानों की खेती की लागत बढ़ी है। कीटनाशकों, उर्वरकों और दूसरे कृषि संसाधनों पर होने वाला खर्च किसानों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
ऐसे में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना जरूरी है। कांग्रेस नेता ने किसानों की कर्ज संबंधी परेशानियों का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार, कई ग्रामीण किसान साहूकारों और सहकारी बैंकों से लिए गए कर्ज का बोझ झेल रहे हैं। उचित समर्थन मूल्य और समय पर भुगतान मिलने से उन्हें आर्थिक जरूरतें पूरी करने में मदद मिल सकती है।
धान खरीदी शुरू करने की मांग के पीछे किसानों की तत्काल आर्थिक जरूरतों को भी अहम वजह बताया गया है। दीपावली समेत कई प्रमुख त्योहार नजदीक होने के कारण किसानों को घरेलू खर्चों के लिए पैसों की जरूरत पड़ती है। आलोक चंद्राकर ने कहा कि यदि सरकार 1 नवंबर से खरीदी शुरू करती है और भुगतान की प्रक्रिया भी तेज रखती है, तो किसानों को राहत मिल सकती है।
समय पर भुगतान होने से वे त्योहारों से जुड़े खर्चों के साथ खेती और परिवार की दूसरी जरूरतों को भी पूरा कर सकेंगे। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि धान खरीदी की तारीख तय करने के साथ केंद्रों पर जरूरी व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में अनावश्यक परेशानी न हो।
छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख धान उत्पादक राज्यों में शामिल है। प्रदेश में बड़ी संख्या में किसान धान की खेती पर निर्भर हैं। खरीफ विपणन सत्र में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए किसानों का पंजीयन किया जाता है। ऐसे में खरीदी की तारीख और भुगतान की व्यवस्था किसानों की आर्थिक स्थिति से सीधे जुड़ी होती है।
पिछले खरीफ विपणन सत्र में प्रदेश में 14 नवंबर से धान खरीदी शुरू की गई थी। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, उस दौरान 25 लाख से अधिक किसानों से 145 लाख टन से ज्यादा धान की खरीद की गई थी। इस बार भी बड़ी संख्या में किसानों के पंजीयन और धान के रकबे को देखते हुए खरीदी की तैयारियों को समय पर पूरा करना जरूरी माना जा रहा है।
धान कटाई शुरू होने के बीच अब किसानों की नजर राज्य सरकार की ओर से खरीदी की तारीख और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर होने वाली घोषणा पर है। वहीं, कांग्रेस नेता आलोक चंद्राकर ने 1 नवंबर से खरीदी शुरू करने और 3358 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य देने की मांग उठाई है। हालांकि, धान खरीदी की तारीख और समर्थन मूल्य को लेकर अंतिम निर्णय राज्य सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल किसानों के लिए समय पर खरीदी, उपज की सुरक्षा और भुगतान की व्यवस्था प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं।