महासमुंद

गैस संकट से जूझ रहा महासमुंद, एजेंसियों के बाहर खाली सिलेंडर लेकर लग रही कतार, गांवों में फिर जले मिट्टी के चूल्हे

Mahasamund Gas Cylinder Crisis: महासमुंद में गैस सिलेंडर संकट से उपभोक्ता परेशान हैं। एजेंसियों में स्टॉक की कमी, होम डिलीवरी प्रभावित और सर्वर डाउन होने से लंबी कतार लग रही है। गांवों में फिर मिट्टी के चूल्हे जलने लगे हैं।
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Gas Cylinder Supply
गैस सिलेंडर संकट (Photo Source - patrika)

LPG Cylinder Shortage: घर की रसोई में चूल्हा जलाने के लिए अब लोगों को गैस एजेंसी के दरवाजे तक दौड़ लगानी पड़ रही है। सुबह खाली सिलेंडर लेकर निकले उपभोक्ता शाम तक कभी गोदाम तो कभी एजेंसी के बाहर इंतजार करते दिखाई दे रहे हैं। दूर गांवों से आने वाले उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है।

घंटों कतार में खड़े रहने के बाद जब स्टॉक नहीं होने की जानकारी मिलती है तो उन्हें खाली सिलेंडर के साथ लौटना पड़ रहा है। जिन परिवारों में दोनों सिलेंडर खत्म हो चुके हैं, वहां खाना बनाने के लिए इंडक्शन से लेकर लकड़ी और मिट्टी के चूल्हे तक की नौबत आ गई है। आवश्यक सेवा मानी जाने वाली गैस की यह स्थिति अब आम उपभोक्ता की परेशानी से आगे बढ़कर रसोई के संकट में बदलती नजर आ रही है।

होम डिलीवरी प्रभावित

महासमुंद जिला मुख्यालय में करीब एक सप्ताह से गैस सिलेंडर की उपलब्धता प्रभावित है। एजेंसियों में पर्याप्त स्टॉक नहीं होने के कारण उपभोक्ताओं को तत्काल सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। दूसरी ओर, होम डिलीवरी व्यवस्था भी प्रभावित होने से लोगों को खुद एजेंसी तक पहुंचना पड़ रहा है।

निर्धारित नंबर पर मिस्ड कॉल करने के बाद डीएसी नंबर जारी होने की प्रक्रिया पूरी करने वाले उपभोक्ताओं को भी घर तक सिलेंडर पहुंचने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि 10 से 15 दिन बीतने के बाद भी डिलीवरी नहीं हो पा रही है। सबसे ज्यादा परेशानी उन उपभोक्ताओं को हो रही है, जिनके घर में रखे दोनों सिलेंडर खाली हो चुके हैं। ऐसे परिवार फिलहाल इंडक्शन जैसे वैकल्पिक साधनों से भोजन तैयार कर रहे हैं।

ग्रामीण उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी

ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए समस्या और गंभीर है, क्योंकि एक बार एजेंसी तक पहुंचने में ही समय और किराए का अतिरिक्त खर्च हो जाता है। वहां पहुंचने के बाद यदि स्टॉक उपलब्ध नहीं मिला तो पूरी कवायद बेकार हो जाती है। एजेंसियों में पर्ची कटवाने के दौरान भी सर्वर बाधा बन रहा है। सर्वर चालू नहीं होने पर उपभोक्ताओं को अपनी बारी के लिए इंतजार करना पड़ता है। किसी तरह पर्ची कटने के बाद भी उसी दिन सिलेंडर मिलना तय नहीं है। कई लोगों को अगले दिन फिर एजेंसी पहुंचने की जानकारी दी जा रही है।

गांवों में फिर जले मिट्टी के चूल्हे

शहर की एजेंसियों पर निर्भर ग्रामीण परिवारों की मुश्किलें सबसे ज्यादा बढ़ गई हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि 15 अगस्त के बाद से आपूर्ति प्रभावित है। रोजाना खाली सिलेंडर लेकर लोग एजेंसी पहुंचते हैं और वाहन आने की उम्मीद में अपनी बारी का इंतजार करते हैं। सप्लाई नहीं आने पर उन्हें वापस लौटना पड़ता है।

लगातार इंतजार से परेशान कई ग्रामीण परिवारों ने अब पुराने विकल्पों का रुख किया है। गांवों में मिट्टी के चूल्हों पर लकड़ी जलाकर भोजन तैयार किया जा रहा है। जिन घरों में दोनों सिलेंडर खाली हो चुके हैं, उनके लिए परेशानी और ज्यादा है। होम डिलीवरी की सुविधा प्रभावित होने से ग्रामीण उपभोक्ताओं को खुद शहर तक आना पड़ रहा है, जिससे समय के साथ अतिरिक्त खर्च भी बढ़ रहा है।

एजेंसियों के बाहर लगी सूचना, फिर भी कतार

गैस एजेंसियों के बाहर सर्वर डाउन होने और स्टॉक समाप्त होने की सूचना चस्पा कर दी गई है। इसके बावजूद रोजाना बड़ी संख्या में लोग खाली सिलेंडर लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें आसपास के गांवों के साथ दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले उपभोक्ता भी शामिल हैं। वाहन नहीं पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद लोगों को वापस लौटना पड़ रहा है। अगले दिन फिर वही स्थिति न मिले, इसकी कोई गारंटी नहीं होने से उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ती जा रही है।

खाद्य अधिकारी आशीष चतुर्वेदी ने बताया कि घरों तक गैस सिलेंडर नहीं पहुंचने संबंधी शिकायत अभी नहीं मिली है। इस संबंध में एजेंसियों से चर्चा कर स्थिति की जानकारी ली जाएगी।

नया कनेक्शन भी बंद

नए रसोई गैस कनेक्शन लेने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को भी फिलहाल राहत नहीं मिल रही है। गैस एजेंसियों में आवेदन लेकर पहुंचने वाले लोगों के फॉर्म स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं। इससे नए उपभोक्ताओं को भी निराश होकर लौटना पड़ रहा है। जिला मुख्यालय के एक गैस एजेंसी संचालक स्वप्निल महोबिया के अनुसार, शासन के निर्देश के चलते नए कनेक्शन के आवेदन फिलहाल नहीं लिए जा रहे हैं।

ई-केवाईसी भी अधूरी

उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करना भी जरूरी बताया गया है। संबंधित प्रक्रिया पूरी नहीं होने की स्थिति में कनेक्शन से जुड़ी सुविधाओं में दिक्कत आ सकती है। इसके साथ ही सब्सिडी का लाभ मिलने में भी परेशानी हो सकती है। उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी पूरा करने के लिए समय दिया गया है। गैस उपभोक्ताओं से अपनी जानकारी अपडेट कराने की अपील की जा रही है।

Updated on:
22 Aug 2026 06:27 pm
Published on:
22 Aug 2026 06:27 pm