
महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के सिटी कोतवाली थाने में पुलिस कर्मियों ने पास्को एक्ट के नियमों का उल्लघंन किया है। दो आरक्षक ने एक नाबालिग की उनके पिता के सामने ही बेल्ट से पिटाई की। इस दौरान चार-पांच वर्दीधारी आरक्षक तमाशा देख रहे थे, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उक्त बातें विधायक डॉ. विमल चोपड़ा ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कही। विधायक चोपड़ा ने बताया कि महासमुंद चाइल्ड फ्रेंडली जिला है। जिले की पुलिस हमर पुलिस, हमर संग नहीं, हमर पुलिस गुड़ों के संग है। थानों में गुडों को सम्मान के साथ बिठाया जाता है। वहीं जनप्रतिनिधियों का अपमान किया जाता है। जब पुलिस के ऊपर बात आती है, तब बिना एफआईआर दर्ज किए ही किसी की भी बेरहमी से पिटाई कर दी जाती है।
एक नाबालिग की दो आरक्षकों ने चोरी के आरोप थाने लाकर पिटाई कर दी। जब पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह को इस बात की जानकारी मिली तो, उन्होंने दो आरक्षकों में एक को लाइन अटैच और एक पर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
विधायक ने कहा कि लाइन अटैच कोई सजा नहीं है। पुलिस थाने के अंदर नाबालिग को बेल्ट से मारने वाले व गाली-गलौज करने वाले आरक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की जा रही है। पुलिस अधीक्षक दोषियों को संरक्षण दे रहे हैं। विधानसभा में यह मामला उठाया जाएगा। वहीं यदि आरोपी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो थाने व पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया जाएगा।