महासमुंद

इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को मिलते हैं 5 हजार रुपए, लेकिन

गर्भावस्था के दौरान गर्भवती माताओं की सेहत का ध्यान रखने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन उन्हें समय पर योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा
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Feb 19, 2018
CGNews

महासमुंद. गर्भावस्था के दौरान गर्भवती माताओं की सेहत का ध्यान रखने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन उन्हें समय पर योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। गर्भवती महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत फल-फूल, मेवा आदि सेवन करने के लिए किस्तों में 5 हजार रुपए दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन जिले में केवल 23000 गर्भवती महिलाओं को एक-एक हजार रुपए दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार पहली बार मां बनने जा रहीं महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृ वंदना के तहत 5 हजार रुपए देने की योजना केंद्र सरकार ने जनवरी 2017 में लागू की थी। जिले में यह योजना अक्टूबर 2017 से लागू हुई है।

अक्टूबर 2017 से फरवरी 2018 तक जिलेभर की करीब 3300 गर्भवती महिलाओं ने ऑनलाइन आवेदन किए हैं। इसमें करीब 2300 सौ महिलाओं के खाते में प्रथम किस्त के 1-1 हजार रुपए हाल ही में जमा किए गए हैं। शेष आवेदनों पर विभाग जांच कर उन गर्भवती महिलाओं को भी इस योजना का लाभ देगा। अफसरों के अनुसार सहायता राशि उन्हीं महिलाओं को मिलेगी, जिन्होंने डिलीवरी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में कराई है।

ये राशि तीन चरणों में विभिन्न शर्तों पर मिलेगी। इधर प्रचार-प्रसार नहीं होने के कारण ग्रामीण व शहर की गर्भवती महिलाओं को लाभ नहीं मिल पा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रो में गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक भोजन भी देने का प्रावधान है। इसके लिए शासन से विभाग को लाखों रुपए आवंटित किए जा रहे हैं, लेकिन आंगनबाड़ी केंद्रो में बहुत कम गर्भवती महिलाएं भोजन करने पहुंचती हैं।

फल-फूल के लिए गर्भवती माताओं के खाते में दिए गए एक-एक हजार

महिला एवं बाल विकास अधिकारी डीएल नायक ने बताया कि महिला को पहली 1 हजार रुपए की किस्त मदर एंड चाइल्ड केयर कार्ड बनाने यानि रजिस्ट्रेशन पर मिलेगी। 2 हजार रुपए की दूसरी किस्त गर्भधारण के 6 माह बाद मिलेगी।

2 हजार रुपए की तीसरी किस्त संस्थागत प्रसव , स्तनपान व शिशु का जन्म पंजीकरण व टीकाकरण विवरण के बाद ही मिलेगी। घर में जचकी कराने वाली महिलाओं को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

इस योजना के तहत केंद्र शासन की ओर से महिलाओं को सीधे उनके खाते में राशि जारी की जाती है।गर्भवती होने पर एक हजार मिलता है। इसके लिए तीन माह के अंदर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है।

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना का लाभ जिले की गर्भवती महिलाओं को मिल रहा है। आवदेन की जांच के उपरांत उनके खातों में राशि डाल दी गई है। शेष आवेदनों की जांच चल रही है। 33 सौ आवेदन विभाग को मिल है, जिसमें 2300 को लाभान्वित किया जा चुका है।
डीएल नायक. महिला बाल विकास विभाग अधिकारी

इन्हें नहीं मिल पाएगा लाभ

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (पीएमएमवीवाय) केंद्रीय या राज्य सरकार या किसी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के साथ नियमित रोजगार में हैं, ऐसी महिलाओं को इस योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा। प्रधानमंत्री मातृत्व योजना का लाभ लेने के लिए तीन फॉर्म भरने होते हैं, जिसमें फॉर्म 1-ए, फॉर्म 1-बी, फॉर्म 1-सी हैं, ये फॉर्म स्वास्थ्य केंद्र या फिर आंगनबाड़ी केंद्र में मिलेंगे।

तीसरी किश्त से वंचित हो जाएंगी

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में और जिला चिकित्सालय में भी डॉक्टरों की कमी के चलते डिलीवरी केस रेफर किए जाने की शिकायतें हैं। सरकारी अस्पतालों के रवैए के चलते गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए निजी अस्पतालों की शरण लेनी पड़ती है। यदि शासकीय चिकित्सालय में डिलीवरी नहीं हुई तो, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की तीसरी किस्त के दो हजार रुपए महिला को नहीं मिलेंगे। इस योजना का लाभ उन्हीं महिलाओं को मिल सकता है, जो सरकारी अस्पताल में डिलीवरी कराएंगी। निजी अस्पताल में डिलीवरी कराने वाली महिलाओं को नहीं।

Published on:
19 Feb 2018 03:22 pm