जंगल की ओर जाने से मना किया गया था लेकिन वह नहीं माना
महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के ग्राम बकमा में जंगली हाथियों ने चौकीदार को कुचलकर मार डाला। घटना की खबर सुनते ही ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने ग्रामीणों को जंगल की ओर नहीं जाने के लिए मुनादी भी करा रही हैं।
डिप्टी रेंजर मोती साहू ने बताया कि हाथियों के दल ने मंगलवार सुबह 11 बजे वृक्ष रोपण सहकारी समिति बकमा के चौकीदार चिंताराम पिता परदेशी साहू (60) को हाथियों ने वन परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 124 में कुलचकर मार डाला। मृतक को जंगल की ओर जाने से मना किया गया था, लेकिन वह नहीं माना।
सुबह घर से खाना खाकर आया और जंगल की ओर चला गया। इसी दौरान उसका सामना हाथियों से हुआ। हाथियों को देख वह भागने का प्रयास किया, लेकिन हाथियों ने उसे कुचल दिया। इधर, विभाग हाथियों का लोकेशन देखकर मुनादी करा रहे हैं। ग्रामीणोंं को आसपास व जंगल की ओर जाने के लिए विभाग मना कर रहा है।
ज्ञात हो कि तीन जंगली हाथी ओडिशा से आ धमका है। इस दल में एक शावक भी शामिल है। सुबह तीनों हाथी ग्राम कौहाकुड़ा-सोनदादर मार्ग में विचरण कर रहा था, बीती रात हाथियों का दल ग्राम बकमा पहुंचा। हाथी शव से करीब 20 मीटर की दूरी पर विचरण कर रहा है। घटना की जानकारी पुलिस विभाग को दी गई है। इधर वन विभाग ग्रामीणों को जंगल की ओर जाने से मना कर दिया है। बागबाहरा वन परिक्षेत्र में हाथी के हमले से मौत की पहली घटना घटित हुई है। इससे पूर्व जंगली हाथियों ने पिथौरा में एक ग्रामीण को मौत के घाट उतारा था। वर्तमान मे हाथी बास प्लांट के आसपास विचरण कर रहा है। एक घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत है।
जिले में हाथियों की आमद से सिरपुरवासी पिछले दो-तीन सालों से परेशान है। इन ग्रामीणों को वन विभाग राहत नहीं दे पा रही है। वहीं कुमकी हाथियों का ऑपरेशन भी प्रारंभ नहीं हुआ है। सिरपुर के उत्पाती हाथी वर्तमान में कसडोल जंगल की ओर विचरण कर रहे हैं। इससे ग्रामीणों को काफी राहत मिली है। इसके बावजूद ग्रामीण दहशत में कृषि कार्य कर रहे हैंं। इधर बागबाहरा वन परिक्षेत्र में हाथी की आमद से ग्रामीण सहमे हुए है।