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CG News: डिजिटल क्यूआर ने उलझाया, स्कैन करने पर उड़ रहे होश, डेटा में झोल ही झोल

CG News: क्यूआर कोड सिस्टम अभी पूरी तरह अपडेट नहीं हुआ है और डेटा सुधार का कार्य जारी है। वहीं सीएमओ अशोक सलामे ने कहा कि शेष घरों में कोड लगाने के बाद पूरी व्यवस्था को दुरुस्त कर लागू किया जाएगा।

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CG News: डिजिटल क्यूआर ने उलझाया, स्कैन करने पर उड़ रहे होश, डेटा में झोल ही झोल

घरों में चिपके क्यूआर कोड (Photo Patrika)

CG News: महासमुंद नगर पालिका की टैक्स वसूली को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की महत्वाकांक्षी योजना फिलहाल तकनीकी खामियों और डेटा त्रुटियों की वजह से सवालों के घेरे में है। शहर के घरों और दुकानों पर लगाए जा रहे क्यूआर कोड जहां एक ओर व्यवस्था को आधुनिक बनाने की कोशिश दिखा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्कैन करने पर गलत या शून्य जानकारी मिलने से नागरिकों में असंतोष और भ्रम की स्थिति है।

जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए। लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग दिखाई दे रही है। कई स्थानों पर क्यूआर कोड स्कैन करने पर कोई डेटा नहीं दिख रहा है, जबकि कुछ मामलों में गलत जानकारी सामने आ रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई घरों में क्षेत्रफल और कर विवरण गलत दर्ज हैं। कुछ मामलों में जहां नल कनेक्शन नहीं है, वहां भी जलकर दिखाया जा रहा है, जिससे लोगों में असमंजस की स्थिति है। नगर पालिका के राजस्व प्रभारी ने स्वीकार किया है कि क्यूआर कोड सिस्टम अभी पूरी तरह अपडेट नहीं हुआ है और डेटा सुधार का कार्य जारी है। वहीं सीएमओ अशोक सलामे ने कहा कि शेष घरों में कोड लगाने के बाद पूरी व्यवस्था को दुरुस्त कर लागू किया जाएगा।

जनगणना का असर अपडेट प्रक्रिया धीमी

क्यूआर कोड व्यवस्था को समय पर अपडेट न किए जाने के पीछे एक बड़ा कारण नगर पालिका कर्मचारियों की व्यस्तता को भी बताया जा रहा है। वर्तमान में नगर पालिका के कई अधिकारी एवं कर्मचारी जनगणना से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में पूरी तरह से लगे हुए हैं, जिसके चलते डिजिटल सिस्टम के नियमित सुधार, तकनीकी त्रुटियों को दूर करने और डेटा अपडेट जैसे कार्यों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा पा रहा है। हालांकि, नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि यह स्थिति अस्थायी है और जनगणना कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, जो एक आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया है। इसके बाद ठीक किया जाएगा।

डिजिटल सुविधा या नई परेशानी, फोन बने बाधा

क्यूआर कोड आधारित टैक्स प्रणाली को सरल और आधुनिक व्यवस्था के रूप में पेश किया गया है, लेकिन यह सुविधा हर नागरिक के लिए सहज नहीं बन पाई है। शहर के कई ऐसे नागरिक हैं, जिनके पास अभी भी पुराने या बेसिक मोबाइल फोन हैं, जिनमें क्यूआर कोड स्कैन करने की सुविधा या तो सीमित है या पूरी तरह उपलब्ध नहीं है। ऐसे लोगों को टैक्स जानकारी देखने और भुगतान प्रक्रिया में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड स्तर पर यह भी सामने आया है कि कई बुजुर्ग और कम तकनीकी समझ रखने वाले लोग इस प्रणाली का उपयोग ठीक से नहीं कर पा रहे हैं। राजस्व विभाग के अनुसार, सिस्टम अभी पूरी तरह अपडेट नहीं हुआ है, जिसके कारण कुछ जगहों पर गलत या अधूरी जानकारी दिखाई दे रही है। प्रशासन का दावा है कि डेटा सुधार का काम तेजी से किया जा रहा है और जल्द ही सभी त्रुटियां दूर कर ली जाएंगी।

मकानों का क्षेत्रफल भी गलत दिखा रहा

नगर पालिका की क्यूआर कोड आधारित डिजिटल टैक्स व्यवस्था में सबसे बड़ी समस्या डेटा की शुद्धता को लेकर सामने आ रही है। कई स्थानों पर स्कैन करने पर जो जानकारी मिल रही है, वह वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खा रही है। कुछ घरों में जहां नल कनेक्शन उपलब्ध ही नहीं है, वहां भी जलकर जैसी देय राशि दिखाई दे रही है। इसी तरह कई संपत्तियों में मकान का क्षेत्रफल गलत दर्ज है और टैक्स की बकाया राशि भी वास्तविकता से अलग बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि इस तरह की गलतियों से न केवल भ्रम की स्थिति बन रही है, बल्कि भविष्य में कर विवाद की आशंका भी बढ़ सकती है।