लाभार्थियों को लाभ देने के नाम पर अधिकारी ने ली रिश्वत, एक अधिकारी पुलिस की गिरफ्त में
महोबा. शासन के तमाम प्रयासों के बावजूद प्रशासनिक अधिकारी के मन से भ्रष्टाचार का दीमक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। शासन की बेरोजगारों को रोजगार देने के उद्देश्य से जारी राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन (नमसा) योजना में 16 लाभार्थियों से 2000 से 3000 हजार की रिश्वत लेने के मामले में डीएम ने भूमि सरंक्षण अधिकारी , इंस्पेक्टर सहित एक लाभार्थी दलाल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के सीओ चरखारी को निर्देश जारी किए है।
फिलहाल पुलिस ने भूमि संरक्षण निरीक्षक प्रेम नारायण को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। डीएम सहदेव की भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई से प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कम्प मचा हुआ है।
मामला महोबा के चरखारी के भूमि संरक्षण कार्यालय का है। जहां ग्रामीण ओर नगरीय क्षेत्र के बेरोजगारों को रोजगार देने को लेकर मोदी सरकार की पशुपालन नमसा योजना के तहत 16 लाभार्थियों से भूमि संरक्षण अधिकारी रामनरेश पाल द्वारा 2000 से लेकर 3000 रुपये की घूस लेने का दबाब बनाया गया था। सहायक भूमि संरक्षण निरीक्षक प्रेमनारायण ने आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के 16 लाभार्थियों को योजना का लाभ देने का लालच देकर 40,000 हजार की रिश्वत लेकर सभी लाभार्थियों को परेशान कर लाभ से वंचित किया गया। भारी घूस लेने के बाद भी योजना का लाभ न मिलने से परेशान लाभार्थियों ने शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
डीएम के निर्देश के पर सीओ चरखारी दिनेश यादव ने भारी फोर्स के साथ आरोपी सहायक भूमि संरक्षण निरीक्षक प्रेम नारायण को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मुख्य आरोपी राम नरेश पाल, दलाल निजाम को भी हिरासत में लेने के निर्देश दिए है। वहीं पुलिस हिरासत में सहायक भूमि संरक्षण निरीक्षक ने बताया कि राम नरेश पाल के कहने के अनुसार ही मैंने नमसा योजना के 16 लाभार्थियों से 2000 से 3000 हजार की रिश्वत ली थी।
नेशनल मिशन फोर सस्टेनेबिल एग्रीकल्चर (नमसा) जो कि पशुपालन कर रोजगार से जुड़ने की सफल योजना है। मगर भूमि संरक्षण कार्यालय में तैनात अधिकारी और निरीक्षक के साथ निजाम नामक दलाल 2000 से 3000 हजार की रिश्वत ली है । रिश्वत के बाद भी हम लोगों को योजना का लाभ नहीं मिला है।