महोबा

कर्ज से परेशान एक और किसान ने कर ली आत्महत्या

परिवार में मचा कोहराम, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।  
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Oct 27, 2018
mahoba
कर्ज से परेशान एक और किसान ने कर ली आत्महत्या

महोबा. बुंदेलखंड का महोबा किसानों की कब्रगाह बनता जा रहा है। सूखे से बर्बाद हुई फसलों के कारण बढ़ते कर्ज और आर्थिक तंगी से किसान आत्महत्या को गले लगा रहे है। कबरई क्षेत्र में 55 वर्षीय किसान ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। किसान के ऊपर बैंक का 78 हजार और साहूकारों का एक लाख कर्ज था। साहूकार आये दिन कर्ज आदायगी के लिए घर में आकर किसान को प्रताडि़त कर रहे थे। आखिरकार किसान ने मौत को गले लगा लिया।

महोबा आपदाओं का दंश झेल रहा है। कई वर्षों के सूखे ने किसान को मौत की दहलीज में लाकर खड़ा कर दिया है। फसलों की बर्बादी और बढ़ते कर्ज से निजात पाने के लिए किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं। शनिवार को फिर एक किसान ने आत्महत्या कर ली। कबरई थाना क्षेत्र के ग्राम छानी निवासी 55 वर्षीय किसान सरजू प्रसाद कुशवाहा चार बीघा खेती का कास्तकार था। पिछले कई वर्षों से सूखे के चलते किसान का परिवार आर्थिक तंगी को झेल रहा था। वहीं खेती के लिए लिया गया बैंक का कर्ज भी किसान को सता रहा था। किसान के ऊपर बैंक का 78 हजार रुपये है, जबकि गांव के ही साहूकारों से तकऱीबन एक लाख रुपये कर्ज लिए था। मृतक की पत्नी प्रेमवती बताती है कि बेटी रूही की शादी के लिए भी मृतक ने कर्ज लिया था।

कर्ज को लेकर किसान खासा परेशान रहता था, वहीँ साहूकार आये दिन पैसों के लिए प्रताडि़त करते थे। घर के हालात भी खऱाब चल रहे थे। आर्थिक तंगी के चलते घर में भुखमरी जैसे हालत थे, जिसको लेकर किसान खासा हताश हो चूका था और उसने अकेले में जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जान दे दी। किसान की मौत से परिवार में कोहराम मच गया, वहीँ परिवार के सामने भरण पोषण की चिंता खड़ी हो गई। किसान की मौत की सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पंचमाना भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

Updated on:
27 Oct 2018 10:11 pm
Published on:
27 Oct 2018 10:11 pm