बुंदेलखंड में दैवीय आपदाओं का दंश झेल रहे अन्नदाताओं की हालत सुधरने का नाम नही ले रही है।
महोबा. बुंदेलखंड में दैवीय आपदाओं का दंश झेल रहे अन्नदाताओं की हालत सुधरने का नाम नहीं ले रही है। प्रधानमंत्री फसल बीमा कराए जाने के बाद भी महोबा के किसानों को रबी ओर खरीब की प्राकृतिक आपदा में बर्बाद ही चुकी फसलों की बीमा राशि नहीं मिल रही है। किसानों को बीमा राशि मुहैया कराए जाने को लेकर बीजेपी के पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने पीएम को ज्ञापन सौंपा और किसानों को फसल बीमा दिलाने की मांग की है । साथ ही बीमा कंपनी बजाज एलियांज पर 300 करोड़ का घोटाला करने का आरोप लगा कार्यवाही की मांग की है। पूर्व सांसद के इस आरोप के बाद से राजनैतिक हलचल मच गई है। वहीं सरकार की मंशा पर भी सवाल खड़े हो गए है।
महोबा जनपद में बर्ष 2017-18 में प्राकृतिक आपदा सूखा और ओलावृष्टि से हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए फसलों का किसानों द्वारा बीमा कराया था। जिले में 1 लाख 48 हजार 584 किसान हैं, जिनमे 90 हजार 571 किसानों ने फसल बीमा कराया था, लेकिन सिर्फ 45 हजार 549 किसानों को लाभान्वित कर 30 करोड़ 9 लाख का भुगतान किया गया है। जबकि जिले की सभी तहसीलों के 45 हजार 22 किसानों द्वारा फसल बीमा का प्रीमियम देने के बाद भी आज तक लाभ नहीं मिल सका है। महोबा जिले के 1500 किसानों के खाते ऐसे है जिनके जनधन योजना के बाद से खाते अपडेट न होने की बजह से बन्द पड़े है । महोबा जनपद किसान फसल बीमा कराने में देश मे तीसरे नम्बर पर है ! जबकि प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है । पूर्व सांसद ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों को फसल प्रीमियम के बीमा राशि पर्याप्त नही मिलने का आरोप लगाया है । जिसको लेकर महोबा में किसानों का फसल बीमा करने वाली कम्पनी बजाज एलियांज के लखनऊ स्थित टीम के अधिकारियों को तलब किया गया है । किसानों द्वारा फसल का पर्याप्त प्रीमियम देने के बाद भी किन कारणों के चलते किसानों को वंचित रखा गया है । इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कृषि अधिकारी के साथ जांच टीम गठित की गई है।
केंद्र और प्रदेश सरकार बुंदेलखंड के किसानों की बदहाली को लेकर चिंतित है मगर बीमा कंपनी का ये कारनामा बुंदेली किसानों को रास नहीं आ रहे ! किसानों से जुड़े इस मामले को बीजेपी नेता और पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने डीएम के सामने उठाया है आ और पीएम नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेज बीमा घोटाले की सीबीआई जाँच कराये जाने की मांग की है ! उनकी माने तो महोबा के किसानों को फसल बीमा राशि न मिल पाने को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ और पीएम को अवगत कराया था । महोबा के 90 हजार किसानों फसल बीमा कराया था । जिसकी किसानों ने 55 लाख की भारी भरकम बीमा प्रीमियम राशि अदा की गयी थी । जिसकी बीमा की राशि 330 करोड़ रुपए किसानों को मिलनी थी। जो महज 25 करोड़ दिया गया है। जबकि कंपनी 300 करोड़ का घोटाला कर रही है। जबकि राजस्व विभाग ने महोबा जिले को 80 फीसदी फसल नुकसान होने की रिपोर्ट शासन को सौंपी थी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में देश के किसानों से 24,000 करोड़ का प्रीमियम लिया गया था। जबकि समूचे देश मे महज 11000 हजार करोड़ का भुगतान किया है । फसल बीमा कंपनियों ने उत्तर प्रदेश 1100 सो करोड़ का प्रीमियम जमा कराया ओर कुल 330 भुगतान किया गया है । अकेले महोबा में 300 करोड़ का घोटाला हुआ है।
बहरहाल मोदी सरकार की मंशा के विपरीत किसान के चेहरे एक बार फिर मुरझाये हैं। उन्हें देवीय आपदाओं के बाद बीमा कंपनी का धोखा कोढ़ में खाज बन गया है। ऐसे में उम्मीद लगाए देश के अन्नदाता एक बार फिर मोदी सरकार से मदद की गुहार लगा रहे है मगर ये समय तय करेगा कि शासन की नीति और प्रशासनिक तंत्र इनकी कब और कैसे मदद करेगा।