विधायक की पहल पर युवाओं को मिली सौगात, रोजगार और देश सेवा से जुड़ने का मौका
महोबा. बेरोजगारी और गरीबी से जूझ रहे बुंदेलखंड के महोबा में लोंगो को रोजगार से जोड़ने के साथ-साथ उनमें देश सेवा का जज्बा पैदा करने के लिए चरखारी के युवा विधायक ने नवयुवकों के लिए एक ट्रेनिंग स्कूल शुरू किया है। जिसमें नवयुवकों को आर्मी, पुलिस, पैरामिलिट्री आदि में भर्ती के लिए तैयार किया जाता है। खास बात यह है कि ये पूर्णतया निःशुल्क है । गांव-ग्रामो से आने वाले दर्जन भर युवकों के लिए चरखारी विधायक द्वारा एक निःशुल्क हॉस्टल भी चलाया जा रहा है । जहां भोजन और रहने की व्यवस्था की गई है। ट्रेनिंग के लिए एक इंस्ट्रक्टर की व्यवस्था भी की गई है जो आर्मी से रिटायर्ड हैं वो आर्मी में भर्ती के लिए युवकों को ट्रेनिंग की बारीकियां समझाकर तैयार कर रहे हैं।
बुंदेलखंड में पिछड़ेपन के कारण यहां के युवा चाहकर भी आगे नहीं बढ़ पाते। ऐसे में जनपद महोबा की विधानसभा चरखारी के विधायक ब्रजभूषण राजपूत ने बुंदेलखंड ने नौजवानों को रोजगार से जोड़ने के लिए एक ट्रेनिंग कैम्प की शुरुआत की है। महोबा के चरखारी में सुबह 4 बजे से नवयुवकों युवतियों की चहलकदमी शुरू हो जाती है । यहां युवकों के साथ युवतियां भी आर्मी पैरामिलिट्री में भर्ती के लिए ट्रेनिंग करते मिल जाएंगे ।
ढाई महीने पहले शुरू हुई इस ट्रेनिंग कैंप से एक युवती और दो युवक पुलिस भर्ती और आर्मी के लिए फिटनेस निकाल चुके है । चरखारी के युवा विधायक ब्रजभूषण राजपूत द्वारा चलाये जा रहे इस कैम्प में सभी को निःशुल्क ट्रेनिंग दी जा रही है। जरूरत को देखते हुए चरखारी विधायक द्वारा एक जिम की भी शुरुआत की गई है। जिसमे दर्जनों तरह के जिम करने के उपकरण लगाए गए हैं । क्षेत्र के सभी युवक और युवतियां इस कार्य में चरखारी विधायक ब्रजभूषण राजपूत को धन्यवाद दे रहे हैं ।
दरअसल बुंदेलखंड के पिछड़ेपन को देखते हुए बीजेपी के चरखारी विधायक ब्रजभूषण राजपूत ने तक़रीबन 10 लाख रुपये खर्च कर युवाओ को ट्रेनिंग सेंटर खोलकर दिया है। जहां बुंदेलखंड के कई जिलों से तक़रीबन 50 से अधिक युवा यहां ट्रेनिंग ले रहे है। पैरा मलेट्री फ़ोर्स,पुलिस और सेना के लिए यहां ट्रेनिंग दी जाती है। ताकि भर्ती के दौरान वो पास हो सके और उन्हें रोजगार मिल जाये। यहां ट्रेनिंग दें रहे कुलदीप सिंह बताते है कि विधायक की पहल पर ही उन्हें ये अवसर मिला है और वो यहां के युवाओं को ट्रेनिंग दें रहे है। वहीं दूसरी तरफ ट्रेनिंग ले रहे युवा इस बात से खुश है कि उन्हें अपने ही क्षेत्र में बड़े शहरों जैसी व्यवस्था मिल रही है ।