UP Crime: बंद कमरे के भीतर चीखें गूंजती रहीं…बाहर 16 साल की बेटी दरवाजा पीट-पीटकर मां को छोड़ने की गुहार लगाती रही… लेकिन जब दरवाजा खुला तो अंदर सन्नाटा था। फर्श पर खून से लथपथ उसकी मां पड़ी थी। मामला यूपी के महोबा का है।
महोबा के चरखारी क्षेत्र के एक गांव में विधवा महिला अपने दो बच्चों के साथ ससुराल में रह रही थी। करीब एक साल पहले 2025 में कुंभ मेले की भगदड़ में उसके पति की मौत हो गई थी। इसके बाद घर की जिम्मेदारी पूरी तरह महिला पर आ गई। वह मजदूरी करके बच्चों का पेट पाल रही थी।
पति की मौत के बाद ससुर की नीयत बहू पर खराब हो गई। वह लगातार उस पर अवैध संबंध बनाने का दबाव बना रहा था। महिला ने कई बार इसका विरोध किया और अपनी मां व मायके वालों को इस बारे में बताया। मायके पक्ष कई बार समझाने भी आया, लेकिन हालात नहीं बदले। उल्टा घर के भीतर तनाव लगातार बढ़ता गया और महिला की परेशानियां गहराती चली गईं।
गुरुवार का दिन था। दोपहर में ससुर ने फिर से महिला के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। इस बार महिला ने खुलकर विरोध किया। इस पर गुस्से में ससुर ने लोहे की रॉड उठा ली। बड़े बेटे और उसके बेटे ने भी उसका साथ दिया। तीनों ने मिलकर महिला को कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी।
कमरे के बाहर खड़ी 16 साल की बेटी दरवाजा पीटती रही, रो-रोकर चिल्लाती रही कि मम्मी को मत मारो, लेकिन आरोपियों ने एक नहीं सुनी। बेटी ने बताया कि अंदर से आती चीखें धीरे-धीरे थम गईं। जब दरवाजा खुला, तो सामने मां खून से लथपथ जमीन पर पड़ी थी। शोर सुनकर मामा मौके पर पहुंचे और मम्मी को अस्पताल लेकर गए, लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई थी।
वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। मुख्य आरोपी मोटरसाइकिल से भागा। भागते समय वह हादसे का शिकार होकर घायल भी हुआ और अस्पताल पहुंचा, लेकिन पुलिस की भनक लगते ही वहां से भी भाग निकला।
मृतका के पिता का कहना है कि उनकी बेटी लंबे समय से ससुर की हरकतों से परेशान थी। उसने कई बार अपनी मां को और फिर उन्हें भी इस बारे में बताया था।सामाज में बदनामी और बेटी के भविष्य को देखते हुए ज्यादा कड़ा कदम नहीं उठाया। कई बार रिश्तेदारों को बुलाकर समझाने की कोशिश भी की, लेकिन कोई असर नहीं हुआ।
परिजनों के मुताबिक, महिला मजदूरी करके अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही थी। ससुर उसे बाहर काम करने से रोकता था, लेकिन खुद घर खर्च के लिए पैसे भी नहीं देता था। इसी बात को लेकर घर में अक्सर झगड़े होते थे। मायके पक्ष का आरोप है कि महिला ने जब सच्चाई बतानी शुरू की और विरोध किया, तो उसे रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, परिवार में पहले से विवाद चल रहा था। महिला खेत में मजदूरी करने जाती थी, जिस पर घर के लोग नाराज रहते थे। इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ और मामला मारपीट तक पहुंच गया, जिसमें महिला की मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।