
महराजगंज. जिलाधिकारी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के घुघुली ब्लाक के पूर्व ब्लाक प्रमुख सहित ग्यारह अन्य जिम्मेदारों से दो करोड़ के रिकवरी के आदेश दिए हैं। इस सरकारी रकम को मनरेगा और वीजीआरएफ के फर्जी कामों को दर्शाकर हड़पा गया था। यह घपला वर्ष 2012-13 और 2014-15 में किया गया। ब्लाक क्षेत्र के रहने वाले एक शिकायत कर्ता की शिकायत पर हुई जांच में सही तथ्य सामने आये हैं। बीजीआरएफ यानी बैकवर्ड रीजंस ग्रांट फंड, राज्यवित तथा मनरेगा द्वारा कराए गए फर्जी कामों के भुगतान के नाम पर सरकारी धन के बंदरबंाट में पूर्व ब्लाक प्रमुख सुशीला सहित ब्लाक के अन्य ग्यारह कर्मियों को दोषी पाया गया है।
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डीएम ने पूर्व ब्लाक प्रमुख से 67 लाख 74731,तत्कालीन बीडीओ देवेश चंद्र से 36 लाख 16438,कृष्णकुमार से 15 लाख 67509,हूबलाल से 15 लाख 33484, एडीओ एजी गोपाल प्रसाद से 53 लाख 26 हजार 625, कार्य व प्रभारी ऋषिकेश से 11 लाख 9117,मृत्युजंय द्विवेदी से 5 लाख 72276 एडीओ सहकारिता विनय प्रकाश से 27 हजार310, सुनील कुमार पटेल से 9 हजार9 38 तथा कनिष्ठ लेखा लिपिक चंद्र मोहन से 48 हजार382 रूपये की रिकवरी का ओदश जारी किया है।
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यह जानकारी देते हुए सीडीओ राम सिंहासन प्रेम ने बताया कि ब्लाक में यह घपला बिना टेंडर के काम करवाकर किया गया। मौके पर कार्य होना नहीे पाया गया। बताया कि इसर तरह सामानों की आपूर्ति केवल कोटेशन पर कर दी गई। 90 प्रतिशत कामों में एक ही फर्म के नाम भुगतान किया जाना भी पाया गया है। डीपीआरओ मनोज त्यागी ने बताया कि डीएम के रिकवरी आदेश पर कुल घपले की रकम से एक तिहाई तत्कालीन वीडीओ, एक तिहाई तत्कालीन बीडीओ तथा शेष रकम तत्कालीन कार्यप्रभारियों से करवाई जाएगी। डीएम के आदेश से जिले के अन्य ब्लाको में हड़कंप मच गया है क्योंकि यदि इस मद में कराए गए कामों की जांच कराई जाय तो शायद ही कोई ब्लाक बच पायेगा।
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