
मंडलायुक्त, DIG का निरीक्षण (सोर्स: X)
Indo Nepal Border Visit: नेपाल में आई भयावह त्रासदी और सीमा सुरक्षा को लेकर गोरखपुर जोन के मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह और पुलिस उपमहानिरीक्षक एस चन्नप्पा ने गुरुवार को महराजगंज जिले में भारत-नेपाल की सोनौली सीमा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने सोनौली सीमा के नो मैन्स लेैंड का जायजा लिया और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने एसएसबी की सीमा चौकी पर एसएसबी, पुलिस, कस्टम, इमीग्रेशन और खुफिया विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।
जानकारी के मुताबिक कमिश्नर और डीआईजी ने भारत-नेपाल सीमा पर बन रहे इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट का भी निरीक्षण किया। इसके साथ ही, गोरखपुर-सोनौली नेशनल हाईवे 29 पर बॉर्डर के पास मुडिला गांव में बन रहे बहुउद्देशीय हब के निर्माण कार्यों की भी जानकारी ली। कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
मीडिया से बात करते हुए मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि उन्होंने बॉर्डर पर तैनात एसएसबी और इमीग्रेशन अधिकारियों से उनकी समस्याओं के बारे में फीडबैक लिया है। नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा के बाद किस तरह की दिक्कतें आ रही हैं, इस पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिहाज से बॉर्डर क्षेत्र में कुछ इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत बताई गई है, जिस पर काम किया जाएगा। नेपाल में आई आपदा को लेकर विदेश मंत्रालय नेपाल के संपर्क में है।
नेपाल के कुछ लोगों के शव भारतीय क्षेत्र में बहकर आए थे। उन्हें जरूरी कार्रवाई के बाद सम्मानपूर्वक नेपाल के अधिकारियों को सौंप दिया गया है। नेपाल की आपदा में पूर्वांचल के कुछ लोग लापता हैं, जिनकी जानकारी जुटाई जा रही है। आपदा से प्रभावित लोगों की पूरी संवेदनशीलता के साथ मदद की जा रही है।
नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही वर्षा का असर नारायणी-गंडक नदी के जलप्रवाह पर बुधवार को भी देखने को मिला। वाल्मीकि नगर बैराज से नदी में छोड़े जा रहे पानी के डिस्चार्ज में दिन भर लगातार उतार-चढ़ाव बना रहा। सुबह से लेकर देर शाम तक पानी के बहाव में वृद्धि दर्ज की गई। इससे नदी किनारे बसे क्षेत्रों में प्रशासन की निगरानी बढ़ी रही।
उपजिलाधिकारी अवनीश त्रिपाठी ने बताया कि नारायणी-गंडक नदी का जलस्तर फिलहाल सामान्य है। अभी किसी प्रकार की चिंता की बात नहीं है। प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूरी हैं।
Updated on:
03 Sept 2026 05:42 pm
Published on:
03 Sept 2026 05:42 pm
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