महाराजगंज

BJP के दिग्गज सांसद ने दिया पीएम मोदी और सीएम योगी को झटका, कह दी ये बड़ी बात

BJP के दिग्गज सांसद ने दिया पीएम मोदी और सीएम योगी को झटका, कह दी ये बड़ी बात
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Pm modi cm yogi magic can fail in loksabha electon 2019
BJP के दिग्गज सांसद ने दिया पीएम मोदी और सीएम योगी को झटका, कह दी ये बड़ी बात

यशोदा श्रीवास्तव
महराजगंज. पहले गोरखपुर फूलपुर और अब कैराना लोकसभा के साथ नूरपुर विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के भविष्य पर सवाल उठना लाजिमी है। आखिर जिस फायर ब्रांड योगी को यूपी का मुख्तार बनाया गया उसके साल भर के कार्यकाल में चुनाव दर चुनाव हार से भाजपा नेतृत्व भी सकते में है। इसी के साथ 2014 में लोकसभा की 73 और 2017 में विधानसभा की 323 सीट जीतने वाली भाजपा व सहयोगी दलों के विधायकों के भी अपने भविष्य को लेकर चिंतित होना स्वाभाविक है।

विधानसभा का चुनाव तो अभी दूर है। तबतक क्या समीकरण बने बिगड़े यह तय होने में वक्त है, लेकिन लोकसभा का चुनाव सर पर है। सच कहा जाय तो चुनावी वर्ष शुरू हो चुका है और इस बीच में होने वाले छोटे-बड़े चुनाव सत्ताधारी दल के लिए लिटमस टेस्ट होते हैं। फिलहाल यूपी में हुए उपचुनाव के नतीजे सत्ताधारी दल के लिए शुभ संकेत नहीं है। वह लिटमस टेस्ट में फेल हुई।

बीजेपी सांसद ने कही बड़ी बात
भाजपा के इस परफारमेंस पर (कभी यूपी में कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे) भाजपा के एक सांसद ने कहा कि, यही हाल रहा तो 2019 में भाजपा 15-20 सीट से अधिक नहीं जीत सकती। भाजपा के ये सांसद महोदय 2019 के लिए कोई और पड़ाव तलाश रहे हैं। वहीं पांच बार महराजगंज से भाजपा सांसद रहे पंकज चौधरी भी गठबंधन के चक्रव्यूह में घिर गए हैं। कुर्मी और वैश्य बाहुल्य इस संसदीय क्षेत्र में जातियों के धुव्रीकरण और विपक्ष का बंटा होना उनकी जीत का कारण होता रहा है। इस बार वे घिरे हुए हैं। गठबंधन से सपा बसपा या कांग्रेस की तरफ से जो भी मैदान में होगा वह पंकज चौधरी के लिए मुश्किल पेश करेगा। हालांकि सांसद चौधरी के निकटवर्ती भाजपा जिलाध्यक्ष अरुण शुक्ल कहते हैं कि, 2019 के आम चुनाव में जनता फिर भाजपा का साथ देगी क्योंकि मोदी ने विश्व में भारत का नाम रोशन किया है।


जिले के फरेंदा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ते रहे प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष विरेंद्र चौधरी कहते हैं कि, भाजपा यूपी में जितने चुनाव हारी है वह सब भाजपा की सीट रही है। गोरखपुर और फूलपुर संसदीय उपचुनाव में हार भाजपा के लिए सदमे जैसा रहा। गोरखपुर उपचुनाव में तो एक तरह मुख्यमंत्री योगी की हार थी तो फूलपुर में उपमुख्यमंत्री हारे। इन दोनों संसदीय सीटों पर हार के बाद कैराना की हार योगी और मोदी को कटघरे में खड़ा कर दिया। कैराना में सांसद हुकुम सिंह की मौत के बाद हुए चुनाव में सहानुभूति के लहर की उम्मीद थी। भाजपा यहां गन्ना किसानों की अनदेखी कर जिन्ना की रट लगाकर इसे भी हासिल करने में नाकामयाब रही।


महराजगंज के एक भाजपा नेता ने अपना नाम न छापने की गुजारिश के साथ कहा कि "देश नहीं झुकने देंगे"बेरोजगारी दूर कर देंगे, गंगा साफ कर देंगे, पाकिस्तान को सबक सिखा देंगे, राम मंदिर बना देंगे जैसे लोक लुभावन नारे से सत्ता में आई भाजपा एक भी वादे पर खरा नहीं उतरी। जहां गन्ना किसान अपने बकाए को लेकर परेशान है, वहां जिन्ना के नाम पर वोट मागे जा रहे हैं। आसमान छूते पेट्रो पदार्थ के दाम में एक एक पैसे की कमी कटे पर नमक छिड़कने जैसा है। भाजपा के टिकट पर दो बार विधानसभा का चुनाव लड़ चुके पार्टी के इस वरिष्ठ नेता ने साफ कहा कि, महराजगंज सहित यूपी के दो तिहाही से अधिक सांसद मोदी के तिलस्मि से चुनाव जीते हैं।

उनका तिलस्मि अब टूट चुका है। ऐसे में दो तिहाई भाजपा सांसदों को अपनी सांसदी बचाने की चिंता है।विपक्ष ने गठबंधन करके इन्हें घेरने की रणनीति पक्की कर ली है। भाजपा के परंपरागत वोटरों में भी विपक्ष ने सेंधमारी की है। आगामी चुनाव में भाजपा की अपनी नाकामी ही हारने के लिए काफी है।गठबंधन कहीं उनकी ताबूत का आखिरी कील न हो।

Updated on:
01 Jun 2018 04:49 pm
Published on:
01 Jun 2018 02:06 pm