पूर्वांचल के तराई जिलों में भारी बारिश के साथ ही नेपाल के पानी छोड़ने से बाढ़ की स्थिति बन गई है। कई गांवों में पानी भर गए हैं, ऐसे में लगन के इस मुहूर्त में इससे बारातियों, घरातियों की समस्याएं बढ़ गई है। ऐसा ही अनोखा नजारा नौतनवां में देखने को मिला जब दुल्हन को नाव से विदाई कराया गया।
जिले में भारी बारिश से नदियां उफान पर हैं, सबसे बुरी दशा उन गांवों की है जहां बाढ़ का पानी घुसा हुआ है। ऐसा ही एक मामला नौतनवा तहसील क्षेत्र के गांव सेमरहवा में सामने आया है। बीते मंगलवार को बैजनाथ यादव के बेटी की शादी थी। बरसात के कारण नदी में आई बाढ़ से गांव में जाने के लिए एकमात्र सहारा नाव ही है।बारात रात लगभग 9 बजे रोहिन नदी के भठवा घाट पर पहुंची, जहां से दूल्हे के साथ बारात नाव से पार कर सेमरहवा पहुंची।
नौतनवा तहसील क्षेत्र का गांव सेमरहवा एक तरफ से सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग उत्तरी चौक रेंज के टेढ़ी घाट बीट के जंगल और तीन तरफ से रोहिन और बघेला नदी के बीच बसा हुआ है। इस गांव की आबादी छह हजार से अधिक है। यहां सेमरहवा खास, बरतानी,चरैया और भठवा चार टोले हैं।इस गांव मे आने जाने के लिए एक मात्र सहारा नाव ही है। ग्रामीण गांव से तीन किलोमीटर पैदल चलकर रोहिन नदी के कुआहवा घाट पर नाव से पार कर अपनी जरूरत के लिए जाते हैं। सेमरहवा गांव के बैजनाथ यादव उर्फ मजनू के बेटी बेबी यादव की शादी नौतनवा थाना क्षेत्र के गांव बैरवा बनकटवा के हरिराम यादव के बेटे विजय यादव के साथ तय हुई थी।
मंगलवार को बारात बैरवा बनकटवा से सेमरहवा के लिए चली रोहिन नदी में बाढ़ आने के कारण बारात नदी के पार रुक गई और सभी वाहन खड़ा कर बाराती सिर पर समान लेकर नाव से नदी पार किए तब जाकर गांव में पहुंचे जहां द्वारपूजा के बाद शादी की रश्म पूरी हुई।बुधवार को सुबह बारात विदाई हुई। बाराती सारा सामान सिर पर रखकर नाव से नदी पार किए। लगभग 11 बजे दुल्हा विजय यादव दुल्हन बेबी यादव को पैदल लेकर चलकर घाट पर पहुंचा बरसात होने से फिसलन के बीच किसी तरह से दुल्हन को लेकर नाव पर चढ़ा साथ में आई महिलाएं भी दुल्हन को सम्हालते हुए नाव से नदी पार कराया, साथ में आये लोगों ने बताया की विदाई में बहुत कठिनाई हुई।