उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में दो सहेलियों के साथ रहने के फैसले से उनके परिवारों में हड़कंप मच गया है। दोनों ने 26 अगस्त को कोर्ट में बालिग होने की दुहाई देते हुए एक साथ रहने के लिए शपथ पत्र दाखिल किया है।
मैनपुरी के करहल थाना क्षेत्र में दो सहेलियों के रिश्ते ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। 21 वर्षीय युवती और उसकी सहेली ने कोर्ट में शपथपत्र दाखिल कर साथ रहने का ऐलान किया, जिसके बाद परिवारों में हड़कंप मच गया। आरोप है कि शपथपत्र की जानकारी मिलने के बाद एक युवती को उसके परिजनों ने घर में कैद कर लिया है। मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
दोनों युवतियां एक ही क्लास में पढ़ती हैं। दोनों के गांव करीब 5 किमी दूर है। स्कूल जाते समय साथ बैठना, पढ़ाई करना और हमेशा एक-दूसरे के साथ रहना उनकी गहरी दोस्ती की पहचान बन गया। साथी छात्राओं के बीच भी उनकी नजदीकियां चर्चा में रहने लगी। जब रिश्ते की बात परिवार वालों तक पहुंची तो दोनों पर मिलने-जुलने पर पाबंदी लगा दी। मौका मिलते ही 26 अगस्त को दोनों युवतियां कोर्ट पहुंचीं और शपथपत्र दाखिल किया कि वे साथ रहना चाहती हैं और एक-दूसरे के बिना नहीं रह सकतीं।
शपथपत्र दाखिल होने के बाद से दोनों परिवारों में तनाव गहरा गया है। एक युवती ने आरोप लगाया है कि उसकी सहेली को घरवालों ने कैद कर लिया है। उन्हें जबरन अलग किया जा रहा है। दोनों का कहना है कि वे बालिग हैं और अपनी मर्जी से साथ रहने का अधिकार रखती हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बातचीत में एक युवती ने साफ कहा कि उसने अपनी सहेली को हमसफर चुना है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह पुरुषों से नफरत करती है। युवती का कहना है, "मैं पुरुषों से नफरत नहीं करती, लेकिन अपनी सहेली से मुझे बेइंतहा प्यार है। उसके बिना मैं जी नहीं सकती। हमने शादी कर ली है और अब चाहे कुछ भी हो जाए, जिंदगी भर साथ रहेंगे।"
युवती ने खुलासा किया कि जब परिवारों को उनके रिश्ते के बारे में पता चला तो सहेली के घरवालों ने मिलने-जुलने पर रोक लगा दी। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कोर्ट में शादी करने के बाद भी सहेली को घर में कैद कर लिया गया। सहेली ने बताया कि वह अपने परिवार के दबाव में है और लगातार मानसिक तनाव झेल रही है।