मैनपुरी

नवोदय प्रकरण: नाबालिग होने के कारण तीन छात्रों का नहीं हो सका पॉलीग्राफी टेस्ट, किशोर न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर मांगी अनुमति

एसआईटी दोबारा विद्यालय पहुंची और निरीक्षण किया। इसके बाद एसआईटी की टीम ने कई लोगों के बयान दर्ज किए।

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Dec 04, 2019
Navodaya case

मैनपुरी। भोगांव स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय की छात्रा की हत्या के मामले में छात्रों का पॉलीग्राफी टेस्ट कराने लखनऊ गई पुलिस की टीम को बगैर जांच के ही वापस लौटना पड़ा। छात्रों के नाबालिग होने के कारण उनका पॉलीग्राफी टेस्ट नहीं हो सका। इसके बाद पुलिस ने भोगांव लौटकर मंगलवार को किशोर न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर छात्रों के पॉलीग्राफी टेस्ट की अनुमति मांगी। इधर मंगलवार को एसआईटी दोबारा विद्यालय पहुंची और निरीक्षण किया। इसके बाद एसआईटी की टीम ने कई लोगों के बयान दर्ज किए।

ये था मामला
मैनपुरी शहर के आगरा रोड निवासी सुभाष चंद्र पांडेय की बेटी अनुष्‍का पांडेय उर्फ दीक्षा भोगांव स्थित नवोदय विद्यालय में कक्षा 11 की छात्रा थी। अनुष्का नवोदय विद्यालय के हॉस्टल के हॉल में अन्य छात्राओं के साथ रहती थी। हॉल के बाहर एक छोटा कमरा है। सोमवार 16 सितंबर की सुबह 5:30 बजे उसका शव कमरे फंदे पर लटकता मिला था। विद्यालय प्रशासन ने इसे आत्महत्या बताया था, जबकि छात्रा के परिजनों ने इसे हत्या का मामला बताते हुए रिपोर्ट दर्ज करायी थी। हाल ही इस मामले में हुई विवेचना में विलम्ब से नाराज सीएम योगी ने मैनपुरी के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अजय शंकर राय को तात्कालिक प्रभाव से हटाकर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय लखनऊ से अटैच कर दिया है। उनके स्थान पर शामली के पुलिस अधीक्षक अजय कुमार को मैनपुरी के नए पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनाती दी गई है। वहीं जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी टीम का गठन किया है। आईजी रेंज कानपुर मोहित अग्रवाल को इसका अध्यक्ष बनाया गया है।

Published on:
04 Dec 2019 12:57 pm
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