साहब! मैं अपनी बेटी की कसम खाता हूं। अब कोई अपराध नहीं करूंगा। बस पुलिस मुझे झूठे मुकदमे में न फंसाए। यह बात एसपी ऑफिस पहुंचे शातिर बदमाश ने गिड़गिड़ाते हुए कही।
छह महीने जेल में रहने के बाद मैनपुरी का दलवीर सिंह राजपूत घर लौटा तो उसे बच्चों की आंखों में डर दिखाई दिया। इससे वह टूट गया। गुरुवार को वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ एसपी ग्रामीण राहुल मिठास के ऑफिस पहुंचा।
हाथ जोड़कर बोला- साहब! मुझे जीने का एक मौका दें। अपनी बेटी के सिर पर हाथ रखकर कहता हूं कि आगे से कोई अपराध नहीं करूंगा। बस पुलिस मुझे झूठे मुकदमे में जेल न भेजे। मैं हमेशा पुलिस की मदद करूंगा। दलवीर ने कहा कि बार-बार जेल जाने से बच्चों पर बुरा असर पड़ रहा है। गांव के लोग उसे शक के नजर से देखता है, लेकिन अब मैं खुद को साबित करना चाहता हूं। प्लीज, मुझे झूठे मुकदमों में न फंसाया जाए और बदलने का मौका दिया जाए।
दलवीर नपुरी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम नगला का रहने वाला है। उस पर 36 मुकदमे दर्ज हैं। 6 महीने से जेल में बंद था। 15 मई को जेल से बाहर आया। जैसे हर घर पहुंचा बच्चे लिपट कर रोने लगे। पत्नी और बच्चों ने अपराध का रास्ता छोड़ने को कहा। बच्चों के आंसुओं और पुलिस के डर ने उसका दिल बदल दिया।
दलवीर की पत्नी सुषमा ने बताया कि मैं गांव दुकान चलाती है। उसी से बच्चों का खर्चा उठाती हूं। अब हम दोनों मिलकर मेहनत करेंगे और ईमानदारी से काम करेंगे। बच्चों को अपराध से दूर रखेंगे और अच्छी परवरिश करेंगे।
एसपी राहुल मिठास ने दलवीर की बातों को सुनकर कहा कि अगर वह सुधरना चाहता है तो मौका दिया जाएगा। लेकिन इसके लिए उसे पुलिस को भरोसा दिलाना होगा कि शांति से रहेगा। साथ ही समय-समय पर थानों में जाकर उपस्थिति दर्ज करानी होगी।