सपा ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी जाने के साथ ही भाजपाइयों में छाई खुशी की लहर।
मैनपुरी। समाजवादी पार्टी के गढ़ कहे जाने वाले मैनपुरी में अखिलेश यादव को एक और बड़ा झटका लगा है। ब्लॉक कुरावली में ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ बीडीसी सदस्यों द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया। प्रस्ताव पर हुए मतदान में 40 में से 39 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। एक मत निरस्त हो गया। इसके साथ ही भाजपा खेमें में हर्ष की लहर दौड़ गई।
सपा सरकार में निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख
सपा सरकार में हुए इस चुनाव में सिरसा निवासी अरुणलता दिवाकर को निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख चुना गया था। 75 क्षेत्र पंचायत सदस्यों वाली क्षेत्र पंचायत के सभी सदस्यों ने अरुणलता के प्रति विश्वास व्यक्त किया था। क्षेत्र पंचायत सदस्य नीलम देवी राठौर ने 50 क्षेत्र पंचायत सदस्यों के समर्थन पत्र के साथ जिलाधिकारी को अविश्वास प्रस्ताव देकर बैठक बुलाने की मांग की थी।जिलाधिकारी प्रदीप कुमार ने एसडीएम कुरावली को चार अगस्त को क्षेत्र पंचायत सदस्यों की बैठक बुलाकर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान कराने के निर्देश दिए थे।
हुआ मतदान
शनिवार को उपजिलाधिकारी शिवप्रसाद की अध्यक्षता में अविश्वास प्रस्ताव पर क्षेत्र पंचायत कार्यालय सभागार में चर्चा शुरू हुई। बैठक में 75 क्षेत्र पंचायत सदस्यों में से 40 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने भाग लिया। दोपहर 12 बजे तक ब्लॉक प्रमुख अरुणलता पक्ष के कोई भी क्षेत्र पंचायत सदस्य उपस्थित नहीं हुआ। रिटर्निंग आफीसर उपजिलाधिकारी ने बैठक में चर्चा के बाद मतदान शुरू कराया। डेढ़ घंटे तक चले मतदान के बाद मतगणना हुई। मतदान में 40 क्षेत्र पंचायत सदस्यों में से ब्लॉक प्रमुख के प्रति 39 सदस्यों ने अविश्वास व्यक्त किया, एक मत निरस्त हुआ। डीपीआरओ यतेंद्र कुमार, डिप्टी कलेक्टर आरएस मौर्य, सीओ कुरावली सुरेश बाबू यादव सहित पुलिस के साथ मौजूद रहे।
भाजपा खेमे में छाई खुशी
ब्लॉक प्रमुख अरुणलता दिवाकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाली क्षेत्र पंचायत सदस्य नीलम देवी राठौर के समर्थकों ने परिणाम घोषित होते ही नारेबाजी की। समर्थकों ने उनको फूलमालाओं से लाद दिया। मैनपुरी में यह सपा को चौथा बड़ा झटका है। भाजपा सरकार बनने केि बाद ब्लॉक प्रमुख सुल्तानगंज आरती शंखवार, ब्लॉक प्रमुख जागीर रजनीश कुमारी यादव, ब्लॉक प्रमुख घिरोर सरिता यादव के बाद ब्लॉक प्रमुख कुरावली अरुणलता दिवाकर को हटाया जा चुका है।