UPSC Success Story: मैनपुरी के सूरज तिवारी ने देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा UPSC में 917वीं रैंक हासिल की। उनके न दोनों पैर, न दायां ‌हाथ और बाएं हाथ की दो अंगुलियां हैं। केवल तीन अंगुलियों के सहारे उन्होंने सफलता हासिल की। उनकी कहानी किसी को भी आगे बढ़ने का हौसला दे सकती है। आइए आपको उनके संघर्ष की कहानी बताते हैं।

साल 2013 में CBSC इंटर की परीक्षा में फेल हो गए थे सूरज
साल 2013 में CBSC इंटर की परीक्षा में सूरज फेल हो गए थे। इसके बाद उन्होंने 2014 में उन्होंने यूपी बोर्ड से 12वीं पास की। सूरज ने कहा कि पढ़ाई के लिए घंटों की जरूरत नहीं होती, सिर्फ जिद और जुनून पैदा कीजिए। जो भी करें मन लगाकर करें। एक समय डिप्रेशन के शिकार हो चुके थे। पिता दर्जी हैं। सूरज ने अपने हौसलों और जिद से एक मिसाल पेश की।
सूरज के पापा दर्जी हैं
सूरज मैनपुरी के कुरावली कस्बे के रहने वाले हैं। यहां के रहने वाले राजेश तिवारी पेशे से दर्जी हैं। सूरज तिवारी उनके छोटे बेटे हैं। 29 जनवरी 2017 को सूरज के बड़े भाई राहुल ने सुसाइड कर लिया तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार हादसे से उबरने की कोशिश कर ही रहा था कि 27 मई 2017 को सूरज के साथ हुए भीषण ट्रेन हादसे ने पूरे परिवार की उम्मीदों को तोड़ दिया।