71 फीसदी मोबाइल एप्स इंस्टालेशन के 90 दिन के भीतर ही यूजर्स की ओर से अनस्टॉल कर दिए गए।
लोकलिस्ट की एक रिसर्च के दौरान शोधकर्ताओं ने जिन मोबाइल एप्स पर नजर रखी, उनमें से 71 फीसदी मोबाइल एप्स इंस्टालेशन के 90 दिन के भीतर ही यूजर्स की ओर से अनस्टॉल कर दिए गए। यदि आप यह तय कर चुके हैं कि आपके बिजनेस के लिए एक मोबाइल एप लॉन्च करने का सही वक्त आ गया है तो यकीनन ऐसा सोचने वाले आप अकेले नहीं हैं। एक अनुमान के मुताबिक, 2018 के पहले क्वार्टर में ही लीडिंग एप स्टोर्स पर 7 मिलियन एप्स डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो चुके थे। यह एक बड़ी संख्या कही जाएगी।
फायरबेस
यह गूगल का अपना मोबाइल डवलपमेंट प्लेटफॉर्म है। फायरबेस इस्तेमाल करने से आपको सर्वर साइड प्रोग्रामिंग की जरूरत नहीं पड़ती। आपको केवल अपने मोबाइल एप का फ्रंट एंड यानी एप का वो पार्ट जो कस्टमर देखते हैं, उसे ही डवलप करने की जरूरत होती है। हालांकि जो लोग कोडिंग नहीं जानते, उनके लिए कम यूजर फ्रेंडली है लेकिन इसकी डाटाबेस फंक्शनेलिटी जबर्दस्त है और एक बार आपका क्लाइंट साइड एप डवलप होने के बाद एप को जल्दी से हैंग नहीं होने देती, जिससे कस्टमर इसे पसंद करता है।
डीआईवाई अप्रोच
अगर आप अपना हर काम खुद करना पसंद करते हैं और कोडिंग सीखने के लिए तैयार हैं तो अपने बिजनेस के लिए अपनी पसंद का मोबाइल एप बनाना आपके लिए सही चुनौती साबित हो सकता है। हालांकि यह बहुत ज्यादा टाइम टेकिंग होता है, इसके बावजूद यह आपका मोबाइल एप पर अच्छा कंट्रोल बनाए रखता है और आपको सीखने के ढेर सारे अवसर मुहैया कराता है। इसका एक फायदा यह भी है कि आप इसे अपने मुताबिक कस्टमाइज कर सकते हैं।
फ्रीलांस अप्रोच
आप यह तय कर ही चुके हैं कि मोबाइल एप आपके बिजनेस को आसमान छूने वाली तरक्की देने वाला है। आप चाहेंगे कि इसे आप अपने हिसाब से डिजाइन कराएं और इसकी कार्यप्रणाली टेंपलेट आधारित अप्रोच से अलग हट कर होनी चाहिए या फिर आप चाहते हैं कि मोबाइल एप जल्दी से बन जाए तो फिर आप एक अनुभवी डवलपर हायर कर लें। इस क्षेत्र में महारत रखने वाला अनुभवी डवलपर खोजना भी आपके लिए चुनौती होगा। थोड़ा ज्यादा पैसे भी उसे देने पड़ें, तो दें।
बिल्डफायर
बिल्डफायर कस्टमर्स को एक मोबाइल एप बनाने के लिए दो ऑप्शन देता है। आप चाहें तो इसकी खुद के प्रोफेशनल डवलपर्स की टीम को हायर करके अपने लिए एप बनवा सकते हैं या फिर आप इसके प्लग एंड प्ले एप बिल्डर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस प्लेटफॉर्म पर किसी भी बिजनेस को सूट करने वाले ढेर सारे टैंपलेट्स मौजूद हैं। एप तैयार हो जाने के बाद बिल्डफायर आपके एप को एप्पल के एप स्टोर और गूगल के प्ले स्टोर पर सब्मिट कर देगा।
याद रखें
स्टेटिस्टा के मुताबिक वर्ष 2018 में वेबसाइट ट्रैफिक का 52 फीसदी से ज्यादा हिस्सा मोबाइल डिवाइस की ओर मुड़ गया है। जब ज्यादा से ज्यादा लोग मोबाइल फोन को ही कंप्यूटर या लैपटॉप की जगह इस्तेमाल करने लगे हैं तो ऐसे में आपके बिजनेस के लिए मोबाइल एप डवलप करना लग्जरी से ज्यादा जरूरत बन गया है क्योंकि जब आने वाला समय ही मोबाइल फोन का है तो आपके बिजनेस को इसका हिस्सा बनना ही होगा। इसलिए बिजनेस के लिए मोबाइल एप लॉन्च करने का सही वक्त आ गया है।