25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

GOOGLE ने मानी गलती, उसने की आपके फोन के साथ छेड़छाड़

जब बिना लोगों के जानकारी के उनके फोन में UDIAI यानी भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के नाम से एक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर सेव होने लगा। तो मानों जैसे लोगों के बीच हड़कंप मच गया। लोगों परेशान होने लगे सोच में पड़ गए की आखिर ये कैसे हुआ।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Manish Ranjan

•

Updated: 4 Aug 2018, 10:52 AM IST

google

GOOGLE ने मानी गलती, उसने की आपके फोन के साथ छेड़छाड़

नई दिल्ली। जब बिना लोगों के जानकारी के उनके फोन में UDIAI यानी भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के नाम से एक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर सेव होने लगा। तो मानों जैसे लोगों के बीच हड़कंप मच गया। लोगों परेशान होने लगे सोच में पड़ गए की आखिर ये कैसे हुआ। इतना ही नहीं लोगों को लगाने लगा की उनका आधार सुरक्षित नहीं रहा। कई कोशिशों के बाद भी यह सामने नहीं आ पा रहा था की ये कैसे हो रहा हैं। लेकिन अब सच सामने आ चुका हैं ये गूगल ने किया था। गूगल ने अपनी गलती मानते हुए कहा है की इसे जल्दी ही सुधार लिया जाएगा।


फोन में हुई छेड़छाड़ को लेकर लोगों हुए गु्स्सा

लोगों के बीच इस बात को लेकर काफी गुस्सा देखने को मिल रहा हैं। लोगों का कहना है की इस तरह से बिना हमारी मर्जी के गूगल हमारे फोन के साथ छेड़छाड़ कैसे कर सकता हैं। अगर बिना हमारी मर्जी के गूगल फोन में नंबर डाल सकता है, तो मतलब बिना हमारी मर्जी के कुछ भी कर सकता हैं।

गूगल की सफाई

इस पर गूगल का कहना है कि 2014 में ही एंड्रायड फोन के ‘सेटअप विजार्ड’ में यूआईडीएआई हेल्पलाइन नंबर और 112 हेल्पलाइन नंबर ‘गलती से’ डाला गया था जो तब से चला आ रहा है। हालांकि, गूगल ने ये भी कहा है कि ये एंड्रायड फोन में बिना इजाजत एक्सेस का मामला नहीं है।

गूगल जल्द खत्म करेगा परेशानी

सोशल मिडीया पर लोगों के उमाड़े गुस्से को देखते हुए गूगल ने यह भी बताया की इस नंबरों को फोन से डिलीट किया जा सकता है। गूगल ने इस परेशानी को जल्द से जल्द खत्म करने का भी वादा किया। गूगल की तरफ़ से जारी बयान में बताया गया है कि इस नंबर को साल 2014 में OEM यानी स्मार्टफ़ोन बनाने वाली कंपनियों को दिए जाने वाले शुरुआती सेटअप वाले प्रोग्राम में डाला गया था। गूगल ने कहा है कि सिर्फ भारत में इंस्टॉल होने वाले एंड्रायड में ही यह नंबर डाला गया था।