वार्ड की सडक़ पर होते है शादी सहित अन्य समाजिक कार्य, पुन: सामुदायिक भवन देने की उठ रही मांग
मंडला. नगर पालिका ने लोगों को सुविधा देने के उद्देश्य से सामुदायिक भवनों का निर्माण किया है। पर धरातल में इसका कोई उपयोग नजर नहीं आता है। नगर पालिका क्षेत्र में स्थित सामुदायिक भवन विरान पड़े हुए है और लोगों को अपने घरों के कार्यक्रम सडक़ पर ही करने पड़ते है। जानकारी के अनुसार 2010-11 के लगभग शहर के पानी टंकी के पास स्थित स्वामी सीताराम वार्ड में सामुदायिक भवन बनाया गया था। शुरूआत में यह भवन पीडल्यूडी विभाग द्वारा निर्मित किया गया था जिसे पूर्व पार्षद कामिनी चौधरी के प्रयास और वार्ड वासियों की मांग पर नगरपालिका को दिया गया था नगर पालिका के पास आते ही इस सामुदायिक भवन की हालात बदत्तर होती चली गई। बनने के कुछ साल तक यहां हमेशा चहलपहल बनी रहती थी लोग यहां शादी विवाह के साथ ही अन्य कार्यक्रम बड़ी धूम-धाम से करते थे। लेकिन नपा के अधिकारियों की लापरवाही और मनमानी के चलते आज सामुदायिक भवन जर्जर हालात में पहुंच गया है। गौरतलब है कि शहर के नागरिकों को सांस्कृतिक व सामाजिक कार्यक्रमों के लिए एक स्थान उपलब्ध कराने के सामुदायिक भवनों का महत्व किसी से छिपा नहीं है। हर मोहल्ले में ऐसे कार्यक्रमों के लिए सुविधायुक्त स्थान की जरूरत पड़ती है। जहां मोहल्ले के लोग शादी-विवाह समारोह कर सकें। अपने घर आने वाली बारात को ठहरा सकें। या फिर कुछ अन्य रचनात्मक कार्यक्रम कर सकें। शहर के लोगों को यही मदद प्रदान करने के लिए नगर पालिका ने कई वार्डों में सामुदायिक भवन का निर्माण कराया है। पर जिस उद्देश्य से सामुदायिक भवनों का निर्माण हुआ है, उस उद्देश्य की पूर्ति होती दिख नहीं रही है। करीब 10 साल पहले शहर के पानी टंकी के पास स्थित स्वामी सीताराम वार्ड में सामुदायिक भवन बनाया गया था। प्रारंभिक दौर में यहां कुछ कार्यक्रम हुए और बारात भी ठहरी। पर उसके बाद इसका उपयोग पूरी तरह से बंद हो गया और अब यहां असामाजिक तत्चों का जमावड़ा रहने लगा। यहां के नागरिकों का कहना है कि सामुदायिक भवन में हर वक्त गंदगी रहती है। जिसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वार्ड वासियों का कहना है नगर पालिका द्वारा उक्त भवन को लोगों के लिए भी नहीं दिया जाता जिसके कारण लोगों को अपने घरों के कार्यक्रम सडक़ पर ही करने पड़ते है। जिससे राहगीरों को के साथ ही मुहल्ले के लोगों को राह से गुजरना मुश्किल हो जाता है। बताया गया कि पूर्व सीएम प्रदीप झारिया द्वारा सामुदायिक भवन में जिले भर का कचरा इकट्टा करने का काम कराया जा रहा था जिसके लिए यहां मशीन भी लगाई गई थी जिसमें कचरे से पन्नी को अलग-अलग करने का काम किया जाता है। जिसका वार्ड वासियों के जमकर विरोध किया। वार्ड के निवासियों के विरोध के बाद उक्त कार्य बंद कर दिया गया। लेकिन मशीन अभी भी यहां लगी हुई है।
बना रहता असमाजिक तत्वों का जमावड़ा
स्थानीय लोगों ने बताया कि खंडहर में तब्दील हो चुके सामुदायिक भवन में 24 घंटे असामजिक तत्वों के लोग मौजूद रहते है जिसके चलते वार्डवासियों को हमेशा भय बना रहता है। साल के शुरूआत में ही उक्त क्षेत्र में एक सनसनी खेज वारदात भी हो चुकी है। क्षेत्र के एक युवक की पत्थरों से कुचल कर हत्या कर दी गई थी।
इनका कहना है
सामुदायिक भवन को वार्डवासियों की सुविधा के लिए बनाया जाता है जिसका फायदा वार्ड के निवासियों को मिलना चाहिए। नगरपालिका को भवन को दुरूस्त कर वार्ड वासियों के उपयोग के लिए देना चाहिए।
संजू श्रीवास्तव, वार्ड वासी
नगर पालिका द्वारा सामुदायिक भवन के जीर्णोद्धार का कार्य करते हुए उसे वार्डवासियों के उपयोग के लिए फिर से देना चाहिए। क्योंकि सामुदायिक भवन की बिल्डिंग महज 10 साल पुरानी ही है।
नितेश गुप्ता, वार्ड वासी
वार्ड के निवासियों के लिए सामुदायिक भवन बहुत आवश्यक है भवन होने के बाद भी लोगों को सडक़ पर शादी-विवाह जैसे कार्य करने पड़ते है जिससे अन्य लोगों को परेशानी होती है। नपा को वार्डवासियों की सुविधा के लिए सामूदायिक भवन जीर्णोद्धार करना चाकिए।
भगवान दास रजक, वार्ड वासी
नागरिकों की सुविधा के लिए बनाए गए सामुदायिक भवनों का दूसरा उपयोग करने एवं उसका लाभ नहीं मिलना उचित नहीं है पार्षद सहित नपा को ध्यान देना चाहिए।
संदीप कोष्ठा, वार्ड वासी