
भाईबहिननाला. मवई विकासखंड के अंतर्गत ग्राम किकरा माल में एक महिने से हैंडपंप बिगड़ा है। कई बार पीएचई विभाग को शिकायत करने के बाद भी सुधार कार्य नही किया गया है, जिसके चलते ग्रामीणों को बूंद-बूंद पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। संबंधित विभाग के द्वारा ध्यान नही दिया जा रहा है। जिससे कारण ग्रामीणों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। दो किलोमीटर दूर से ग्रामीणों को पीने के लिए पानी लाना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार ग्राम किकरा माल के वार्ड नम्बर 14 में 50 परिवार में निवास करते है। यहां हैंडपंप पिछले एक माह से बिगडा हुआ है। जिसके कारण ग्रामीणों को 2 किलोमीटर दूर कुंआ से पानी लाना पड़ रहा है। यहां कुआं मेंं पानी के लिए लंबी लाईन लग रही है। ग्रामीणों को पेयजय के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। पेयजल के इंतजाम में दिनभर निकल रहा है। ग्रामीण पेयजल के लिए भटक रहे है लेकिन कोई समस्या सुनने वाला नही है। ग्रामीणो ने बताया है कि पानी लाने के लिए जाने वाले महिलाएं मजूदरी और अन्य कार्य नही कर पा रहे है। पानी के लिए काफी मेहनत करनी पड़ रही है।
शिकायत के बाद सुनवाई नहीं
यहां के ग्रामीणों द्वारा पीएचई विभाग को हैंडपंप खराब होने की शिकायत की है लेकिन सुधार कार्य नही कराया जा रहा है। एक महिने बाद भी सुधार नहीं किया जा रहा है। विभाग की ठेकेदार से मिलीभगत होने के कारण सिर्फ कागजी खानापूॢत की जा रही है। ग्रामीणों की समस्या का निराकरण नही होने के कारण ग्रामीणों में रोष देखा जा रहा है। लेकिन कोई सुनने वाला नही है।
इनका कहना है
हैंडपंप खराब होने के कारण पानी की समस्या है, पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है, दो किलोमीटर दूर से पानी ला रहे है, काफी परेशानी हो रही है।
मति बाई यादव
एक माह से परेशान है, लेकिन कोई सुधार करने नही आ रहा है, पानी की समस्या दूर नही की जा रही है। शिकायत के बाद भी कोई नही सुनता है, विभाग लापरवाह है।
भगवती धुर्वे,
हैंडपंप खराब होने के कारण पेयजल की समस्या बनी हुई है। एक माह से जलसंकट है। इसकी शिकायत दी है। लेकिन कोई ध्यान नही दे रहे है। जिससे परेशानी बनी हुई है।
रंजीता रजक
मवई वनांचल क्षेत्र में अधिकारी लापरवाही बरत रहे है, ग्रामीणो की समस्या से उन्हे कोई सरोकार नही, यहां बस घूमने के लिए आते है, समस्या बनी हुई है।
नन्ही बाई मरकाम
पेयजल की गंभीर समस्या है, लेकिन कोई सुनने वाला नही है, शिकायत का भी कोई फायदा नही दिख रहा है। समस्या बनी हुई है। मांग की जल्द सुधार कार्य किया जाए।
शिवरति बाई मरावी