उपसरपंच और किसानों को दी ये सलाह भी
मंडला. 3 जून 2018 को होने वाले तेंदूपत्ता संग्राहक एवं असंगठित श्रमिक सम्मेलन कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए कमिश्नर आशुतोष अवस्थी कलेक्टर फारुखी वली के साथ जिले के अंजनिया ग्राम में पहुँचे। जहां उन्होंने आयोजन की तैयारियों का जायजा लिया। साथ ही अंजनिया के पास ग्राम झिगराघाट में जाकर पंचायत द्वारा किये गये वृक्षारोपण का निरीक्षण भी किया। उन्होंने ग्राम के उपसरपंच हिमाचल पटैल द्वारा किए गए कार्य की प्रशंसा की। कमिश्नर ने कहा कि इस प्रकार के वृक्षारोपण के लिए और अधिक प्रयास करें एवं गांव के अन्य लोगों को भी वृक्षारोपण के महत्व के बारे में बताऐं एवं जागरूकता फैलाएं। कमिश्नर ने नीम के वृक्ष लगाने की बात कही एवं नीम के वृक्षारोपण के पूर्णं विधि के बारे में बताया। साथ ही नीम से होने वाले लाभों के बारे में भी लोगों को अवगत कराया।
ग्रामीणों से की चर्चा
संभागायुक्त आशुतोष अवस्थी और कलेक्टर फारुखी वली जिला मुख्यालय स्थित कृषि उपज मण्डी औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे। निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त ने मंडी सचिव से चना, मसूर जैसे दलहन के बीजों के गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली। इसके अलावा मंडी में आ रहे गुड़ की शुद्धता के बारे में पूछा। इस दौरान मंडी में किसानों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली गई। संभागायुक्त ने जिले के ग्राम सकरी में हितग्राही मंगल सिंह तेकाम के खेतों में लगे आम के बगीचे का निरीक्षण किया एवं आम के किस्मों के बारे में जानकारी ली। साथ ही हितग्राही से योजना के संबंध में भी पूछा। हितग्राही को प्राप्त ऋण और अनुदान की जानकारी ली गई। इस पर हितग्राही मंगलंिसह तेकाम द्वारा बताया गया कि इस योजना से उन्हें बहुत लाभ हुआ है साथ ही वह इस योजना से पूर्णं रूप से संतुष्ट भी हैं। कमिश्नर ने हितग्राही से आग्रह करते हुए कहा कि वो इन योजनाओं को अपने मित्र किसानों को भी अवगत करायें तथा इस योजना का ज्यादा से ज्यादा लाभ लेने के लिए प्रेरित करें। साथ ही कमिश्नर ने हितग्राही को नीम के बीज रोपित करने की जानकारी भी दी एवं उपस्थित ग्रामवासियों से भी उन्होंने इस बारे में विचार-विमर्श किया।