जानें भाजपा द्वारा मंडला लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतारे गए फग्गन सिंह कुलस्ते की पूरी प्रोफाइल।
Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव 2024 के लिए भाजपा ने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। 16 राज्यों और 2 केन्द्र शासित प्रदेशों में से 195 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों का निर्णय हुआ है। इनमें मध्य प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में से 24 सीटों पर नाम घोषित कर दिए गए हैं। जिन 5 सीटों पर सहमति नहीं बनी है, उसे लेकर स्टेट कमेटी ने मंथन शुरु कर दिया है। जल्दी ही नाम केंद्रीय समिति को भेजे जाएंगे। बात करें मध्य प्रदेश की मंडला लोकसभा सीट की तो यहां से भारतीय जनता पार्टी ने केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह को उम्मीदवार बनाया है।
केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते को भाजपा की ओर से बड़ी खुशखबरी मिली है। पार्टी ने उन्हें फिर से मंडला से लोकसभा सीट से उम्मीदवारी सौंपी है। टिकट की घोषणा होते ही कुलस्ते ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि बीजेपी की केंद्रीय कमेटी की बैठक दिल्ली में हुई। उसमें भी प्रदेश के नेता शामिल हुए। कई नामों पर चर्चा हुई। जैसे ही टिकट की घोषणा हुई फग्गन सिंह कुलस्ते को बधाई संदेश मिलने शुरु हो गए। केंद्रीय मंत्री कुलस्ते से जब पूछा गया कि विधानसभा चुनाव में आप हार गए, क्या इसका लोकसभा चुनाव पर असर आएगा ? इस पर उन्होंने कहा कि ये पार्टी का काम है कि कैसे और किसे कहां से चुनाव लड़ाना है। हार जीत जनता तय करती है। हम सिर्फ पार्टी का फैसला मानते हैं।
गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते को बीजेपी ने विधानसभा चुनाव 2023 के चुनावी मैदान में भी उतारा था। लेकिन वो अपनी सीट नहीं निकाल सके थे। इसके बाद से कयास लगाए जा रहे थे कि हो सकता है पार्टी कुलस्ते को लोकसभा चुनाव में न उतारे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और एक बार फिर से आलाकमान ने कुलस्ते पर ही दांव खेला है। उन्होंने अपना पहला चुनाव मंडला जिले के निवास विधानसभा सीट से जीता था और यहीं से चुनाव भी हारे। विधानसभा चुनाव से पहले ये कयास लगाए जा रहे थे कि अगर बीजेपी किसी आदिवासी को सीएम बनाने पर विचार करती है तो कुलस्ते की लॉटरी लग सकती है।
आपको बता दें कि, साल 2019 में फग्गन सिंह कुलस्ते मंडला से जीतकर संसद पहुंचे थे। वो इससे पहले 1996 से 2009 तक मंडला लोकसभा संसदीय क्षेत्र से ही सांसद रहे हैं। 2012 में वो राज्यसभा चले गए थे। इसके बाद 2014 में फिर से लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की। उनकी छवि एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में देखी जाती है।