मंडला

इसलिए जज खुद ही पहुंच गए गांव

लोक अदालत से पहले ये चल रहा गांवों में
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Jul 14, 2018
So the judge himself reached the village
So the judge himself reached the village

मंडला. ग्राम पंचायत मानादेही में 14 जुलाई को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाना है। इसके प्रचार-प्रसार के लिए विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरसी वाष्र्णेय के मार्गदर्शन में एवं सचिव राजदीप सिंह ठाकुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में शिविर में राजेन्द्र चौरसिया प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय, दीपिका ठाकुर जिला विधिक सहायता अधिकारी, पैरालीगल वालेन्टियर भूपेन्द्र सोनवानी, सुनील कुमार मर्सकोले, शैलकुमारी उईके, संतोष धुर्वे, संध्या भारतीया, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सहायक ग्रेड-3 मनीश मिश्रा, भृत्य रोहित श्रीवास्तव एवं ग्रामीणजन उपस्थित हुए।
राजेन्द्र चौरसिया प्रधान न्यायाधीष कुटुम्ब न्यायालय ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा नि:शुल्क विधिक सहायता योजना के अन्र्तगत पात्र व्यक्तियों को नि:शुल्क अधिवक्ता प्रदान किये जाते है। योजना के अन्र्तगत अनुसूूचित जाति, जनजाति, महिलाओं, बालक, जेलबंदी एवं मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों को बिना किसी आय बन्धन के तथा सामान्य जाति के व्यक्ति जिसकी आय 1 लाख रूपये प्रतिवर्ष है, उन्हें विधिक सहायता प्रदान की जाती है।
वापस मिलती है न्याय शुल्क
शिविर में जिला विधिक सहायता अधिकारी दीपिका ठाकुर ने 14 जुलाई 2018 को आयोजित होने वाली लोक अदालत के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि, लोक अदालत में प्रकरणों का निराकरण किये जाने से प्रकरण में लगाई गई न्याय शुल्क वापस होती है एवं पक्षकारों को प्रतिफल भी तुरन्त मिलता है और अन्तहीन मुकदमेबाजी से निजात मिलती है। उन्होंने पीडि़त प्रतिकर योजना एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।

पीडि़त को त्वरित न्याय मिले यह लोक अदालत की मंशा है इसी दृष्टिकोण को लेकर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरसी वाष्र्णेय द्वारा मोटर दुर्घटना से संबंधित क्लेम केसों में ज्यादा से ज्यादा लोगों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। यही कारण है कि उनके द्वारा प्री सेटलिंग मीटिंग के रूप में कदम उठाया गया है। इन मीटिंग में हुए आपसी बातचीत और खुले वातावरण में विचारों के आदान-प्रदान का ही नतीजा है कि लगभग सौ मोटर क्लेम केसों में आपसी सहमति बन चुकी है। न्यायाधीश के मार्गदर्शन व निर्देशन में प्रीसेटलिंग बैठक बुलवाई गई जिसमें पीडि़त पक्षों, उनके अधिवक्ता एवं बीमा कंपनियां रू-ब-रू होकर पृथक-पृथक केसों में साधारण, चोट वाले केस, फैक्चर वाले केस व मृत्यु वाले केसों में क्षतिपूर्ति राशि के संबंध में चर्चा की। लोक अदालत प्रभारी विशेष न्यायाधीश विजय कुमार पाण्डेय, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश दीपक कुमार त्रिपाठी, द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश प्रकाश कसेर, तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश आशीष कुमार मिश्रा एवं चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश एके सोंदिया के सानिध्य में उभय पक्षों के अधिवक्ताओं द्वारा अपना-अपना पक्ष दस्तावेजों में दिखलाया गया।

Published on:
14 Jul 2018 08:13 pm