MP News: स्त्री रोग विशेषज्ञ ने ऐसे डॉक्टर से ऑपरेशन कराया जो ऑपरेशन के लिए प्रशिक्षित नहीं थीं, 50-50 हजार रुपये के जुर्माने के साथ 2 साल की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश।
MP News: मध्यप्रदेश के मंदसौर में जिला अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ सहित चार डॉक्टरों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इतना ही नहीं इन चारों डॉक्टरों की दो-दो साल की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ सहित चारों डॉक्टरों पर आरोप है कि उन्होंने अपने-अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरती और बिना प्रशिक्षित डॉक्टर से ऑपरेशन करवाया। जिसके कारण नवजात को कट लगा, उसके उपचार में देरी हुई और नवजात को जटिल शल्यक्रिया से गुजरना पड़ा। जिससे नवजात के परिजनों को मानसिक और आर्थिक व शारीरिक परेशान हुई।
24 फरवरी 2024 को जिला अस्पताल में सीमा पति दशरथ लाल को प्रसव के लिए भर्ती किया गया था। यहां पर महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ संगीता पाटीदार ने डॉ मीना वर्मा को प्रसूता का ऑपरेशन करने के लिए निर्देशित किया। ऑपरेशन के दौरान नवजात के प्राइवेट पार्ट पर गंभीर कट लग गया। जिसके कारण नवजात का उपचार रतलाम में निजी और मेडिकल कॉलेज में उपचार किया गया। काफी समय तक नवजात का उपचार चला और जटिल शल्य प्रक्रिया से गुजरना पड़ा।
महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ संगीता पाटीदार की जिम्मेदारी थी कि वे प्रशिक्षित डॉक्टर से ऑपरेशन करवाएं लेकिन ऐसा नहीं करके डॉ पाटीदार ने बिना प्रशिक्षित डॉ मीना वर्मा से ऑपरेशन करवाया। जिसके कारण नवजात को कट लग गया। बिना प्रशिक्षण के डॉ मीना वर्मा ने ऑपरेशन भी कर दिया। जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए था। नवजात को कट लगने के बाद महिला एवं प्रसुति रोग विशेषज्ञ ने शल्य क्रिया विशेषज्ञ डॉ सिद्धार्थ शिंदे को उपचार के लिए बुलाया। लेकिन डॉक्टर शिंदे ऑन ड्यूटी होते हुए भी उपचार करने के लिए नहीं गए। वही शल्य क्रिया विशेषज्ञ द्वारा शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ रजत पाटीदार की सलाह के लिए रैफर किए जाने की बात कही। लेकिन तीन दिन के बाद नवजात को 28 फरवरी को हायर सेंटर रैफर किया गया। ऐसे में उपचार में देरी हुई।
ये पूरा मामला राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं मानव अधिकार आयोग तक पहुंचा, जिस पर उन्होंने कड़ी टिप्पणी भी की। इसके बाद अब वरिष्ठ संयुक्त संचालक स्वास्थ्य विभाग ने डॉ संगीता पाटीदार, डॉ मीना वर्मा, डॉ रजत पाटीदार और डॉ सिद्धार्थ शिंदे पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए उनसे जुर्माना वसूली के आदेश जारी किए हैं साथ ही सभी चारों डॉक्टरों की दो-दो साल की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने के आदेश भी दिए गए हैं।