
पश्चिम रेलवे के चीफ सेफ्टी सीआरएस के निरीक्षण के साथ ही अब नीमच-रतलाम दोहरीकरण प्रोजेक्ट के पूरा होने को भी हरी झंडी मिल गई।
मंदसौर। 1100 करोड़ से अधिक की रतलाम-नीमच दोहरीकरण परियोजना अब पूरा हो चुका है। पश्चिम रेलवे के चीफ सेफ्टी सीआरएस के निरीक्षण के साथ ही अब इस प्रोजेक्ट के पूरा होने को भी हरी झंडी मिल गई। अब इस पर यात्री ट्रेन का संचालन भी नीमच से रतलाम तक पूरे ट्रैक पर शुरू होगा। रेलवे ने कई नई ट्रेन के प्रस्ताव इस सेक्शन पर चलाने के रेलवे मुख्यालय को भेजे हुए है, जिनकी मंजूरी अब दी जाएगी।
चीफ सेफ्टी कमीश्नर यानी सीआरएस ई श्रीनिवासन ने शुक्रवार को ट्राॅली पर बैठकर मंदसौर-दलौदा के बीच 14 किमी लंबे नए ट्रैक का निरीक्षण किया। इस दौरान 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल कर इंजन भी दौड़ाया। सुबह से दोपहर तक चले इस काम के बाद दोपहर 2.30 बजे सीआरएस ई श्रीनिवासन रतलाम की और रवाना हो गए। निरीक्षण के दौरान रतलाम मंडल का पूरा रेलवे महकमा हाई अलर्ट पर रहा। नीमच से रतलाम तक के 133 किमी के इस दोहरीकरण प्रोजेक्ट में मंदसौर-दलौदा के 14 किमी सेक्शन का ही काम बाकी था जो अब पूरा हो गया है। अन्य सभी जगह काम पूरा होने के साथ ट्रेनों का आवागमन तक शुरू हो गया है।
परियोजना-नीमच-रतलाम दोहरीकरण
मंडल- रतलाम रेल मंडल
कार्य की स्थिति- शतप्रतिशत काम हुआ
अनुमानित लागत-करीब 1100 करोड़
दूरी-133 किमी
इनका कहना
जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि मंदसौर से दलौदा के बीच दोहरीकरण कार्य का सीआरएस ई श्रीनिवास ने निरीक्षण किया है। नए ट्रैक पर ट्राली पर बैठकर निरीक्षण करने के बाद मंदसौर और दलौदा के बीच स्पीड ट्रायल भी किया इसमें 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से इंजन को दौड़ाया है। सीआरएस की रिपोर्ट के आधार पर जो तकनीकी काम है उन्हें भी जल्द पूरा किया जाएगा।
Published on:
08 May 2026 10:11 pm
बड़ी खबरें
View Allमंदसौर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
