
मंदसौर.
शासकीय भूमि पर अतिक्रमण में बने मकान हटाने पहुंचे नपा अमले को महिलाओं के तीखे आक्रोश का सामना करना पड़ा। यश नगर स्थित नाले के पास बने मकान और नगरपालिका द्वारा काटी गई कॉलोनी में बेचे गए भूखंडों पर लोगों ने कब्जे कर मकान बना लिए, जिन्हें हटाने के लिए अमला पहुंचा था। पट्टों के लिए इन परिवारो के पास नपाध्यक्ष के हस्ताक्षर व सील लगा लेटर भी था। मकानों पर चलती जेसीबी को देख सभी लोग अध्यक्ष को फोन लगाते रहे और बुलाने की मांग करते रहे, लेकिन अध्यक्ष वहां नहीं पहुंचे और देखते ही देखते यहां बने मकान ढहा दिए गए।
४ घंटे चली कार्रवाई, ५० मकान-झोपडिय़ा तोड़े
शहर के यशनगर क्षेत्र में तैलिया तालाब के नाले व आसपास क्षेत्र में अतिक्रमण कर बने मकानों को हटाने के लिए नपा का अमला मंगलवार को दोपहर में दल-बल के साथ पहुंचा। यहां अमले को महिलाओं के तीखे आक्रोश का सामना करना पड़ा। जेसीबी के आगे महिलाएं आई तो पुलिस ने खदेड़ा। इसके बाद भी आक्रोशित लोगों ने पथराव किया तो धक्का-मुक्की से लेकर झुमाझटकी तक हुई। चार घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान नपा ने इस क्षेत्र में मजदूरी करने वाले करीब ५० परिवारों को नपा ने बेघर करते हुए उनके मकानों का तोड़ दिया। नपाध्यक्ष प्रहलाद बंधवार का लेटर हाथ में लिए महिलाएं खड़ी रही और हर एक वहां यही कहता रहा कि नपाध्यक्ष ने हमें लिखकर दिया है और कहा कि यहां रहो। नपाध्यक्ष के भरोसे गरीब वर्ग ने यहां मकान बना लिए और मेहनत-मजदूरी कर गाड़ी कमाई मकानों में लगा दी और उन्हीं की नपा ने इन परिवारों को सख्ती के साथ बेघर कर दिया। विरोध के दौरान महिलाएं बेसुध हो गई। पथराव में नपा के वाहनों के कांच फूट गए। झोपडिय़ों से लेकर इन मकानों से लोगों को पुलिस ने बाहर निकाला और नपा अमले ने जेसीबी से इन मकानों को तुड़वाने का काम किया। नपा की इस कार्रवाई में गरीब वर्ग के लोगों के घरों में रख सामान टूट-फूट हो गया। मकान बनाने से लेकर घर के सामान के रुप में इन लोगों के आर्थिक नुकसान हुआ।
नाले पर बने विधायक के घर को भी तोड़ो
मौके पर आक्रोशित महिलाओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि नाले पर बने विधायक का घर भी तोड़ो। इसके बाद लामबंद होकर महिलाएं समीप में स्थित विधायक यशपालसिंह सिसौदिया के निवास पर पहुंचे। जहां प्रदर्शन करते हुए उन्होंने हाथों की चुडिय़ा फोडक़र विधायक निवास पर फेंक दी। मामला बढ़ता देख पुलिस अमले ने पहुंचकर महिलाओं को खदेड़ा, घंटों तक चले इस हाईप्रोफाइल ड्रामें के बाद गरीब वर्ग के लोग सभी जगह मिन्नत कर थकहार कर निराश लौट गए।
बिलखती रही महिलाएं, चीखते रहे बच्चें
जब नपा मकान तोड़ रही थी तब उनके घरों में बच्चों से लेकर महिलाएं बिलख रहे थे। आंखों के सामने टूटते घर और बिखरते घरेलु सामान को देख महिलाएं जहां फूट-फूटकर रो रही थी, अधिकारियों के पैर पड़ रही थी छोटे बच्चें भी यह नजारा देख चीख रहे थे। चार घंटे तक पूरा क्षेत्र रोने-बिलखने से लेकर बच्चों की चीखों से गुंजता रहा। विरोध के बीच महिलाएं बेसुध हो गई।
विद्युत मीटर खोलने पहुंची टीम
अतिक्रमण में बने इन सभी मकानों में विद्युत कनेक्शन था। जब अमला पहुंचा तो पहले से ही इस क्षेत्र की लाईट बंद कर दी। जब मकान तोड़े जा रहे थे तो कंपनी की टीम साथ-साथ कनेक्शन विच्छेद करने के साथ मीटर समेटने का काम कर रही थी।
आक्रोशित महिलाएं एकत्रित होकर विधायक के घर पहुंची। जहां विधायक नहीं थे, लेकिन महिलाओं ने जमकर प्रदर्शन किया। यहां तक अपनी चूडिय़ा विधायक के घर पर फेंकी। मौके पर सीएसपी राकेशमोहन शुक्ला, एसडीओपी भरतभूषण चौधरी सहित कोतवाली टीआई केएल दांगी, वायडी नगर टीआई विनोद कुशवाह और नईआबादी टीआई ओपी तंतवार दल-बल के साथ पहुंचेऔर यहां से महिलाओं को खदेड़ा।
मैंने नहीं कहा...
गरीब वर्ग के लोगों को पट्टा दिलाने की कार्रवाई मैं खुद आगे रहकर करवा रहा हूं। कई बार कहा कि कब्जा मत करो, पट्टा जारी होने के बाद मकान बनाने की कार्रवाई करेंगे। मैंने किसी को कब्जा करने और इस तरह अतिक्रमण करने की कभी नहीं कहा।
-प्रहलाद बंधवार, नपाध्यक्ष
मुझे जानकारी नहीं
मैं ग्रामीण अंचल में हुं, इस प्रकार के किसी घटनाक्रम की जानकारी नहीं हैं। और कोई विषय भी नहीं पता। महिलाओं के घर पहुंचने की जानकारी परिवार के लोगों से मिली।
- यशपालसिंह सिसौदिया, विधायक
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