
मंदसौर.
शहर के नवीन कलेक्टोरेट सुशासन भवन में अभी अव्यवस्थाएं हावी है। मंगलवार को यहां जनसुनवाईके लिए आए लोगो को कईतरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। नि:शक्त हो या फिर बुजुर्ग या फिर महिलाएं-बच्चे, सुशासन भवन तक पहुंचने के बाद हर कोईहाफता नजर आया। यहां लोगो को पीने का पानी तक नहीं मिला। पुराने कलेक्ट्रेट में जनसुनवाईके लिए पहुंचे लोगो को जब पता चला कि जनसुनवाईअब नए कलेक्ट्रेट भवन में हो रही है। तो पहले तो वे पता पूछते रहे। जिले के कईक्षेत्रो से आने वाले लोगो को सुशासन भवन तक पहुंचने के लिए टैपो का सहारा लेना पड़ा। लेकिन रुटके टैंपो चालको ने उन्हें वायडी नगर थाने के पास ही उतारा। अब यहां पहुंचने के बाद न तो नवीन कलेक्ट्रेट भवन का बोर्डदिखा और नहीं कोईसंकेतक। उक्त मार्ग पर आवागमन का कोईसाधन नहीं होने से जैसे-तैसे पूछते-पूछते लोग २ किलोमीटर का रास्ता पैदल तय कर सुशासन भवन पहुंचे। यहां भवन में पहुंचते ही कईलोग जमीन पर तो कईकुर्सीपर बैठ हाफते दिखेे। इसके बाद जाकर अधिकारियों को अपनी समस्या से अवगत कराया। सुशासन भवन तक पहुंचने के लिए यश नगर पुलिया से रिसोर्ट तक का मार्गकाफी जर्जर हो गया है। इस मार्गपर बड़े- बड़े गड्ढे हो गए है, प्रतिदिन अधिकारी भी इस मार्गसे निकल रहे है, लेकिन किसी ने भी गड्डो को भरवाने की जहमत नहंी उठाई।
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नि:शक्तो के लिए बनाया रैंप बना पार्किंग
सुशासन भवन में नि:शक्तो के भवन तक पहुंचने के लिए रैंप बनाया गया है। लेकिन दो दिन में रैंप के सामने ही पार्किंग हो गई। अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा रैंप के सामने ही बाइक व फोर व्हीलर खड़े करने के कारण यहां रैंप तक जाने के लिए रास्ता बंद हो गया। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र से आए कारुलाल सहित अन्य नि:शक्तों को कार्यालय की सीढ़ी बैसाखी के सहारे चढक़र भवन में प्रवेश करना पड़ा।
पेयजल के लिए हुए परेशान
सुशासन भवन में पेयजल के लिए आमजन को परेशान होना पड़ा। यहां भवन में आसपास कहीं भी पानी की व्यवस्था नहीं थी। सूर्याखेड़ा के गोमाजी व परमानंद सूर्यवंशी ने कहा कि पेयजल की व्यवस्था नहीं होने के कारण काफी देर तक परेशान हुए। कईकिलोमीटर की दूरी तय करके समस्या व शिकायत लेकर यहां पहुंचे। लेकिन यहां परिसर में कहीं पानी की व्यवस्था नहीं मिली। बाद में पता चला कि परिसर के बाहर टैंकर खड़ा किया हुआ है वहां जाकर प्यास बुझाई।
हाथो से लिखने पड़े आवेदन
सुशासन भवन में कईआवेदनकर्ताओं को अपनी समस्या के लिए आवेदन हाथ से लिखना पड़े। यहां न तो आवेदन टाइप करवाने के लिए टाइपराइटर था और नहीं कम्प्यूटर की कोईदुकान। ऐसे में कईलोगो ने स्वयं ही आवेदन लिखकर अधिकारियों को प्रेषित किया। सीतामऊ मुवाला के ईशाक मोहम्मद ने कहा कि वर्तमान में यहां कोईव्यवस्था नहीं है, यहां तक पहुंचने के लिए टैंपो व अन्य साधन भी नहीं मिले। फोटोकॉपी कराने के लिए लोगो को ३ किलोमीटर दूर शहर में आना पड़ा।
इनका कहना...
मुझे सुशासन भवन तक पहुंचने के लिए रास्ता नहीं मालूम था। मार्ग में न तो कोईसंकेतक लगाया गया और नहीं जनसुनवाई नवीन कलेक्ट्रेट भवन में जनसुनवाई होने की सूचना दी। ऐेसे में रास्ता भटकते हुए बायपास पर पहुंच गया। फिर वापस लौटकर आना पड़ा।
- गिरिजाशंकर रुनवाल, मंदसौर
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पहले पुराने कलेक्ट्रेट पहुंचे, यहां पता चला कि जनसुनवाईनए कलेक्ट्रेट भवन में होगी। भवन का संकेतक नहीं लगने से रास्ता भटकना पड़ा। यहां पेयजल की व्यवस्था भी नहीं थी।
- संजय पाटीदार, मुआला (सीतामऊ)
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१२४ आवेदको ने दिए आवेदन
नवीन भवन में जनसुनवाई के पहले दिन १२४ आवेदकों ने पहुंचकर अधिकारियों के समक्ष अपनी फरियाद सुनाई। जनसुनवाई में कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव, एडीएम अनिल डामोर, जिपं सीईओ आदित्य सिंह, एसडीएम शिवलाल शाक्य, डिप्टी कलेक्टर रोशनी पाटीदार, गरिमा रावत सहित कईअधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
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इनका कहना...
सभी प्रमुख मार्गोपर संकेतक लगाने के लिए निर्देश दिए गए है। साथ ही अन्य व्यवस्थाएं भी जुटाई जा रही है। अव्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार किया जाएगा।
- एसएल शाक्य, एसडीएम, मंदसौर
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