
मंदसौर.
छात्रावास की भूमि पर बीएसएनएल का सामान पड़ा हैं, जो अब तूल पकड़ता जा रहा हैं। बीएसएनएल उठाने को तैयार नहीं और एबीवीपी के कार्यकर्ता इसे हटाने की मांग कर रहे है। इसी मामले को लेकर सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र नेताओं ने जमकर हंगामा किया और सडक़ों पर बैठकर धरना दिया। तीन घंटे तक धरना चला और परिषद के पदाधिकारियों से लेकर छात्रों ने नारेबाजी की। बीएसएनएल दफ्तर के समीप छात्रावास की जमीन पर सामान बीएसएनएल ने रख रखा है, वहां पर मुख्य मार्ग पर धरना दिया। बाद में तहसीलदार ब्रह्मस्वरुप श्रीवास्तव पहुंचे तो महाविद्यालय प्राचार्य रविंद्र सोहानी भी पहुंचे। छात्र नेता धरने के बाद भी बीएसएनएल के अधिकारियंो के नहीं आने को लेकर अधिक नाराज हुए।
नहीं हटाया तो कार्यालय में रहेगें विद्यार्थी
पुलिस के साथ पहुंचे प्रशासनिक अफसरो के बाद बीएसएनएल के अधिकारी पहुंचे। लंबे समय तक बहस और नियमों का दौर चलता रहा, लेकिन छात्र नेता किसी भी बात पर राजी नहीं हुए। आखिरकार बीएसएनएल के अफसरों ने इसे खाली कर सामान कही और शिफ्ट करने की बात तहसीलदार के सामने कही और एबीवीपी ने 10 दिन का अल्टीमेटम दिया। कहा कि १० दिन में यहां से सामान नहीं हटाया तो छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थी तुम्हारें बीएसएनएल के दफ्तर में रखेंगे और फिर किसी भी प्रकार की स्थिति बने तो प्रशासन जवाबदार रहेगा। लंबे समय चली बहस के बाद बीएसएनएल कर्मचारी सामान हटाने को राजी हुए। इसके बाद धरना समाप्त हुआ।
भडक़ा छात्र संगठन तो बगले झांकते नजर आए अफसर
छात्रावास के पास की जिस भूमि पर बीएसएनएल ने अपना सामान रख कब्जा जमा रखा हैं, वह भूमि महाविद्यालय की हैं और 2013 में इसकी लीज भी समाप्त हो गई हैं, लेकिन बीएसएनएल ने अब तक जगह खाली नहीं की। इधर इसके कारण छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को परेशान होना पड़ रहा हैं। इसी कारण एबीवीपी ने इसे खाली करवाने की मांग की। पिछले दिनों यहां निरीक्षण हुआ तो बीएसएनएल के अफसरों ने साफ तौर पर जमीन छोडऩे की बात पर इंतजार करने की बात कही थी। इसके बाद आक्रोश भडक़ा और सुबह १० बजे परिषद के छात्र नेता अन्य विद्यार्थियों को लेकर यहां पहुंचे और धरने पर बैठ गए। लंबे समय तक यहां कोई नहीं पहुंचा।
पुलिस व तहसीलदार पहुंच गए लेकिन फिर भी बीएसएनएल के अधिकारी नहीं पहुंचे और न हीं कोई बात करने की कोशिश की तो छात्र नेताओं का आक्रोश सातवे आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने तीखा आक्रोश प्रकट किया। इसके बाद बीएसएनएल के अफसर भी पहुंचे और अपनी सफाई देने लगे और किराया देने की बात भी कही। इस पर प्राचार्य को तलब करने की बात छात्र नेताओं ने कही। लंबे समय तक चली बहस और हंगामें के बीच तहसीलदार ने समझाईश दी और खाली करने की बात कही, इधर एबीवीपी ने जमीन के लिए मात्र १० दिनों का अल्टीमेटम दिया हैं। नहीं तो फिर से आंदोलन करते हुए बीएसएनएल अधिकारियों के दफ्तर में आकर छात्रों को रखने की चेतावनी तक दे डाली। लंबे समय तक चली बहस और हंगामें के साथ धरने का दौर दोपहर 1 बजे तक चलता रहा। तहसीलदार के मामले में हस्तक्षेप के बाद धरना समाप्त हुआ और मामला शांत हुआ। तहसीलदार ने जमीन खाली करवाने की बात कहते ही परिषद नेताओं ने नारेबाजी फिर से शुरु कर दी।
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