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तीन दिन से स्कूल बेग में छात्रा क्यों ले जा रही थी जहरीला पदार्थ, पढि़ए पूरी खबर…

तीन दिन से स्कूल बेग में छात्रा क्यों ले जा रही थी जहरीला पदार्थ, पढि़ए पूरी खबर...
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मंदसौर

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harinath dwivedi

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Updated: 7 Aug 2018, 12:35 PM IST

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तीन दिन से स्कूल बेग में छात्रा क्यों ले जा रही थी जहरीला पदार्थ, पढि़ए पूरी खबर...

मंदसौर.
प्राचार्य की प्रताडऩा से तंग आकर आत्महत्या करने वाली छात्रा आत्महत्या करने से पूर्व तीन दिनों तक स्कूल बेग में सल्फास लेकर स्कूल आ रही थी। छात्रा की क्लास के अन्य विद्यार्थियों का कहना है कि वह कुछ दिन से परेशान भी थी। शायन इस कारण स्कूल बेग में सल्फास लेकर आ रही थी। एक दिन कुछ बच्चों ने उसके बेग में सल्फास देख भी ली थी। वहीं उदयपुर में छात्रा की मौत होने के बाद अब तक मर्ग डायरी भावगढ़ पुलिस को नहीं मिली है। टीआई शिवकुमार यादव का कहना है कि एक जवान को डायरी लेने के लिए उदयपुर रवाना किया गया है।


ग्राम नांदवेल में स्कूली छात्रा ने चार दिन पूर्व जहरीला पदार्थ खा लिया था। तबीयत बिगडऩे पर परिजनों ने उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया था। यहां से उसे रैफर कर दिया गया था। परिजन उसे उदयपुर ले गए थे। उदयपुर मेंइलाज के दौरान छात्रा की मौत हो गई थी। छात्रा की मौत के बाद ग्रामीणों ने स्कूल के प्राचार्य के खिलाफ छत्राओं को परेशान करने व अश£ील करने के आरोप लगाते हुए कलेक्टर के नाम ज्ञापन भी सौंपा था। वहीं चार दिन पूर्व ग्रामीणों ने विद्यालय का घेराव भी किया था। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाइश देकर रवाना किया था।


डायरी आने के बाद आगे बढ़ेगी जांच
इधर पूरे मामले में पुलिस का कहना है कि अब तक उदयपुर से मर्ग डायरी प्राप्त नहीं हो पाई है। एक जवान को उदयपुर रवाना किया गया है। डायरी आने के बाद जांच आगे बढ़ेगी। मामले कोलेकर टीआई यादव का कहना है कि अब तक मामले को लेकर ग्रामीणों से चर्चा हुई है। हालांकि मामले में जांच करने के बाद ही प्राचार्य के दोषी होने या न होने के संबंध में कुछ कहा जा सकता है।
परिजनों के बयान होने बाकि है
मर्ग डायरी प्राप्त न होने पाने के कारण भावगढ़ पुलिस अब तक जांच आगे नहीं बढ़ा पाई है। डायरी आने के बाद पुलिस सबसे पहले परिजनों के बयान लेगी। इसके बाद ग्रामीणों व स्कूली बच्चों के बयान लेगी। इस आधार पर ही जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


प्रभारी प्राचार्य ने भी दिया था आवेदन
स्कूल परिसर में असामाजिक तत्वों के आ जाने और स्कूली छात्राओं को परेशान करने को लेकर प्रभारी प्राचार्य दिलीप चौहान ने भी थाने में एक आवेदन दिया था। हालांकि आवेदन के बाद थाने से प्राचार्य को आश्वासन दिया गया था कि जब भी स्कूल परिसर में असामाजिक तत्व प्रवेश करते हैं वे उन्हें सूचित कर दें तत्काल कार्रवाई की जाएगी। प्रभारी प्राचार्य ने यह आवेदन १३ जुलाई को दिया था।