हैवानियत के विरोध में सडक़ों पर जमा हुआ सहानुभूति का हुजूम
मंदसौर.
मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म कर हत्या के इरादें से उस पर किए वार के बाद मंदसौर के साथ पूरे जिले सहित कई जगहों पर लोग सडक़ों पर उतर आए है। मंदसौर की सडक़ो पर मासूम के साथ हुई ज्यादती के बाद सहानुभूति का हुजूम उमड़ गया। हजारों की तादाद में यहां जमा हुए लोगों में हर एक के स्वर में एक ही आवाज थी फांसी दो, फांसी दो, दरिंदे को हमारे हवाले करो। कानून नहीं हैवानियत के राक्षस को हम देंगे सजा। इन नारों के साथ पूरा शहर गुंज उठा। बढ़ते जनआक्रोश के बीच शहर ने भी अपनी दुकाने बंद रखकर विरोध जताया। इधर लोगों के बीच बढ़ते आक्रोश के चलते चोकन्नी हुई पुलिस ने लोगों को समझाने के लिए प्रयासों का दौर शुरू किया। एसपी ने गुस्साएं लोगों को 20 दिन में चालान पेश करवाते हुए कड़ी सजा दिलाने का भरोसा दिलाया। इस बीच पुलिस के सामने शहर के बढ़ते गुस्सें के बीच आरोपी को न्यायालय में पेश करने की चुनौती है।
दरिंगदी के विरोध में गुरुवार को पूरा मंदसौर सडक़ों पर उतर आया। हर किसी की आंखों में दरिंदगी के खिलाफ गुस्सा और मुंह पर फांसी की मांग थी। सुबह फूलों की नीलामी से लेकर शहर के बाजार पूरी तरह बंद रहे। इतना ही नहीं मंदसौर सहित पिपलियामंडी व जावरा सहित आसपास के अन्य जगहों पर माली समाज सहित अन्य लोगों ने सडक़ों पर उतरकर विरोध जताया। हर किसी की एक ही मांग थी की दरिंदे को फांसी दो और बेटियों की सुरक्षा पुख्ता करों। पुलिस ने आरोपी को रात में ही पकड़ लिया था, लेकिन जनआक्रोश अब तक कम नहीं हुआ।
हैवानियत की घटना सुन सहम गया हर कोई
स्कूल से छात्रा का अपहरण कर जंगल में उसके साथ जो हेवानियत की घटना हुई। वह बुधवार के बाद गुरुवार को पूरे शहर के साथ हर ओर फैल गई। जिसे भी बालिका के साथ हुई हेवानियत की घटना का पता चला हर कोई सहम गया। महिलाओं से लेकर युवतियों मे तो माली समाज से लेकर मुस्लिम समाज ने भी आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की है। वहीं अभिभाषको ने भी आरोपी के मामले में केस नहीं लडऩे का एलान कियास है।