मंदसौर

MP में दोबारा ‘जिंदा’ की जाएगी ये नदी, उद्गम स्थल पर बनेगा भव्य मंदिर

MP News: एमपी में यहां जलधारा को फिर से जीवित करने की शुरुआत हुई है। 1300 पौधे लगेंगे, हरियाली लौटेगी, जलस्तर बढ़ेगा और मंदिर निर्माण से यह जगह आस्था व पर्यटन का केंद्र बनेगी।
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Updated: 24 Aug 2025, 3:25 PM IST
Tumbbad river reviving campaign temple construction mandsaur MP News
Tumbbad river reviving campaign temple construction mandsaur (photo- social media)

MP News: मंदसौर जिले के अफजलपुर क्षेत्र में निपानिया क्षेत्र से निकलने वाली तुम्बड़ नदी (Tumbbad river) को पुनर्जीवित करने का अभियान शुरू किया गया। 1300 से अधिक पौधे लगाकर यहां सघन वन विकसित करते हुए नदी को प्रवाहमान किया जाएगा। इसके अलावा कृष्ण और तुम्बड़ मय्या का मंदिर भी कदम के पेड़ की छाव में बनाया जाएगा। जहां मंदिर बनेगा वहां कमद के पौधे लगाए जा रहे है।

इस क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के लिए वन विकसित करने का बड़ा काम होगा तो नदी फिर से जीवित होने से ग्रामीण अंचल में जलस्तर भी सुधरेगा। शनिवार को जनपद अध्यक्ष बसंत शर्मा ने 300 विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर इस महाअभियान की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि सहायक के रूप में देखी जा रही तुम्बड़ नदी अब ऊर्जा का नया स्रोत बनेगा। भविष्य में आस्था व पर्यटन का नया स्थल इसे विकसित करने का काम किया जाएगा। (MP News)

उद्गम स्थल पर लगाए गए 1300 पौधे

जनपद अध्यक्ष शर्मा ने तुम्बड़ नदी के उद्‌गम स्थल में पौधे लगाने के साथ कहा कि यह सिर्फ पौधरोपण नहीं, बल्कि मां तुम्बड़ की पुनरुत्थान यात्रा की पहली सीढ़ी है। उन्होंने बताया कि यहां कुल 1300 पौधों का सघन वन तैयार किया जाएगा। इसमें नीम से लेकर पीपल, आम, शीशम, करंज, अशोक, फलदार और छायादार पौधे शामिल हैं। इन पौधों के माध्यम से नदी के आस-पास हरियाली लौटेगी। जिससे जल स्रोतों का संरक्षण और संवर्धन संभव होगा और पर्यावरण का भी।

अतिक्रमण पर कार्रवाई कर हटाया गया

पंचायत और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से हाल ही में उद्‌गम स्थल से 15 बीघा जमीन से अतिक्रमण हटाया गया है। इस क्षेत्र को संरक्षित करने के लिए फेसिंग की जा चुकी है। साथ ही शेड निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया। गांव में मांगलिक भवन भी बनाया जाएगा। (MP News)

कदम का दुर्लभ पेड़ बना श्रद्धा का केंद्र

इस स्थल पर कदम का एक दुर्लभ वृक्ष पाया गया है। कदम का पेड़ आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे श्रीकृष्ण से जोड़कर देखा जाता है। कहा जाता है कि भगवान कृष्ण ने बचपन में सबसे अधिक समय इसी वृक्ष की छांव में बिताया था। इसी कारण अब इस कदम के वृक्ष की उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए यहां कृष्ण मंदिर और मां तुम्बड़ का मंदिर निर्माण किया जाएगा। साथ ही घाट का निर्माण किया जाएगा। ताकि यह स्थान भविष्य में एक प्रमुख आध्यात्मिक और पर्यटक स्थल के रूप में विकसित हो सके। (MP News)

नदी पुनर्जीवन के लिए लिया गया संकल्प

जनपद अध्यक्ष ने कार्यक्रम के दौरान शनिवार को कहा कि पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने नंगे पांव 3600 किमी की नर्मदा परिक्रमा कर नदियों के महत्व को पहचान है। उन्होंने ही इस उद्‌गम स्थल को देखकर इसे पुनर्जीवित करने की प्रेरणा दी थी और यहां पहुंचकर पूजा-अर्चना की थी। अब सभी ने मिलकर मां तुम्बड़ को पुनर्जीवित करने का संकल्प लेकर यहां काम शुरु किया है। (MP News)

Updated on:
24 Aug 2025, 3:25 PM IST
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